
Jharkhand: जमशेदपुर के आदित्यपुर में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री और सरायकेला विधायक Champai Soren ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर केंद्र सरकार ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम आदित्यपुर स्थित स्वर्णरेखा गेस्ट हाउस में भाजपा आदित्यपुर मंडल की ओर से आयोजित किया गया था। इसमें आदित्यपुर नगर निगम के महापौर संजय सरदार सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
अपने संबोधन में चंपाई सोरेन ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रवाद, त्याग और सिद्धांतों की राजनीति के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। चंपाई सोरेन ने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” के नारे को याद करते हुए कहा कि यह विचार आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा आर्टिकल 370 समाप्त किया गया, जो डॉ. मुखर्जी के सपने को साकार करने जैसा कदम था। उनके अनुसार यह निर्णय केवल संवैधानिक बदलाव नहीं था, बल्कि देश की एकता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम था।
चंपाई सोरेन ने 1947 के समय का भी उल्लेख किया और कहा कि विभाजन के दौरान डॉ. मुखर्जी ने बंगाल को पाकिस्तान में जाने से रोकने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से ही पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा।
कार्यक्रम में महापौर संजय सरदार ने भी डॉ. मुखर्जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
चंपाई सोरेन ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी की विचारधारा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की है और डॉ. मुखर्जी का जीवन भी इसी भावना को दर्शाता है। कार्यक्रम का समापन श्रद्धांजलि और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।





