
Jharkhand: हजारीबाग के बड़कागांव से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। कांग्रेस पार्टी ने झारखंड के पूर्व मंत्री और बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश द्वारा की गई। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को सोशल मीडिया पर झारखंड के मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में 21 मार्च को कांग्रेस अनुशासन समिति ने पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब पार्टी ने उनका निलंबन वापस ले लिया है।
निलंबन रद्द होने की जानकारी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने दी। इस निर्णय के बाद योगेंद्र साव ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वह शुरू से ही कांग्रेस के प्रति समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें फिर से अवसर दिया है और अब वह पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस संगठन और जनता के हित में काम करेंगे।
योगेंद्र साव ने यह भी कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य विस्थापित लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना है। उन्होंने बड़कागांव क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर मुआवजा और रोजगार की मांग को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
इस फैसले को कांग्रेस संगठन के भीतर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, योगेंद्र साव की वापसी से बड़कागांव क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल योगेंद्र साव ने साफ किया है कि वह पार्टी की नीति और संगठनात्मक दिशा के अनुसार काम करेंगे और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते रहेंगे।





