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रांची में हर हर महादेव की गूंज पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
रांची: सावन की अंतिम सोमवारी पर झारखंड की राजधानी रांची में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
अंतिम सोमवारी होने के कारण पहाड़ी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहने की संभावना को देखते हुए पहले से तैयारियां की गईं। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और भक्तों को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए कतार की व्यवस्था की गई।
सुबह से श्रद्धालु हाथों में जल, बेलपत्र, फूल और पूजा सामग्री लेकर मंदिर की ओर बढ़ते दिखाई दिए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के साथ बड़ी संख्या में परिवार भी भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल चढ़ाकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 1000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। मंदिर परिसर के साथ आसपास के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। महिला श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
पुलिस और प्रशासन की टीम भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास व्यवस्था को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। किसी भी स्थान पर जरूरत से ज्यादा भीड़ जमा न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को निर्धारित रास्तों से आगे बढ़ा रहे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर और आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को भी जिम्मेदारी दी गई है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है।
रांची का पहाड़ी मंदिर भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। सावन के महीने में यहां हर सोमवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन अंतिम सोमवारी का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है। कई श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान शिव की पूजा करते हैं और जलाभिषेक के बाद अपना व्रत पूरा करते हैं।
मंदिर प्रबंधन की ओर से भी श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। लोगों को कतार में रहकर दर्शन करने और अनावश्यक रूप से मंदिर परिसर में भीड़ नहीं लगाने को कहा गया है।
अंतिम सोमवारी के अवसर पर पूरे रांची में शिवभक्ति का माहौल दिखाई दिया। पहाड़ी मंदिर के अलावा शहर के अन्य शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की चुनौती सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन की भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर सकें।
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