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झारखंड में सहिया और आंगनबाड़ी कर्मियों को बड़ी सौगात

Kavita2
26 Oct 2026 9:58 AM IST
झारखंड में सहिया और आंगनबाड़ी कर्मियों को बड़ी सौगात
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रांची। झारखंड सरकार राज्य में कार्यरत सहिया (आशा कार्यकर्ता), आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। सरकार इन कर्मचारियों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में लाने की योजना बना रही है। इसके तहत पात्र परिवारों को 15 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इस पहल से राज्य के लगभग 1.15 लाख परिवारों और उनके पांच लाख से अधिक सदस्यों को लाभ मिलने की संभावना है। प्रस्ताव लागू होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इन जमीनी कर्मचारियों के परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

1.15 लाख परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ

राज्य सरकार की प्रस्तावित योजना का उद्देश्य सहिया, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

प्रस्ताव के अनुसार, इन तीनों श्रेणियों से जुड़े लगभग 1.15 लाख परिवारों को स्वास्थ्य बीमा आधारित योजनाओं के दायरे में शामिल किया जाएगा। इससे पांच लाख से अधिक परिवार सदस्यों को इलाज की सुविधा मिल सकती है।

सरकार की इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं और महिला एवं बाल विकास से जुड़े कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि योजना को लागू करने की अंतिम तारीख, पात्रता संबंधी विस्तृत नियम और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

15 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की तैयारी

प्रस्ताव की सबसे महत्वपूर्ण बात पात्र परिवारों को 15 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।

इसके तहत आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की तैयारी की जा रही है।

कैशलेस उपचार का अर्थ है कि योजना के अंतर्गत पात्र मरीज को निर्धारित अस्पतालों में स्वीकृत चिकित्सा सेवाओं के लिए इलाज के समय सीधे भुगतान नहीं करना पड़ता। अस्पताल को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना के माध्यम से भुगतान किया जाता है।

हालांकि किन बीमारियों, उपचार प्रक्रियाओं और अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध होगी, यह संबंधित योजनाओं के नियमों और अंतिम सरकारी आदेश पर निर्भर करेगा।

सहिया कार्यकर्ताओं के परिवारों को मिलेगी राहत

झारखंड में सहिया कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे गांवों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करती हैं।

दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में सहिया कार्यकर्ताओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। वे स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण परिवारों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद करती हैं।

ऐसे में उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने का प्रस्ताव उनके सामाजिक और आर्थिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज पर होने वाला खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। प्रस्तावित सुविधा लागू होने से पात्र परिवारों को इस खर्च से राहत मिल सकती है।

आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को भी फायदा

सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को भी शामिल किया गया है।

आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से संबंधित सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

वे आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और सरकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने में सहयोग करती हैं।

इन कर्मचारियों के परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत लाने से उनके लिए इलाज की सुविधाओं तक पहुंच आसान हो सकती है।

विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए गंभीर बीमारी की स्थिति में कैशलेस उपचार बड़ी राहत साबित हो सकता है।

गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगी आर्थिक मदद

स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में अस्पताल का खर्च परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

कई बार बड़ी बीमारी के इलाज के लिए परिवारों को अपनी बचत खर्च करनी पड़ती है या कर्ज लेना पड़ता है।

ऐसी परिस्थितियों में कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पात्र परिवारों को 15 लाख रुपये तक उपचार की सुविधा मिलने से अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने की स्थिति में आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।

हालांकि यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि प्रस्तावित 15 लाख रुपये की सीमा प्रति परिवार होगी या किसी अन्य निर्धारित आधार पर लागू की जाएगी। इसका विवरण अंतिम सरकारी दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगा।

दोनों स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने की तैयारी

झारखंड सरकार सहिया और आंगनबाड़ी कर्मचारियों के परिवारों को आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत शामिल करने की तैयारी कर रही है।

इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को निर्धारित चिकित्सा सेवाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

प्रस्ताव लागू होने पर संबंधित परिवारों को योजना के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

इसके लिए लाभार्थियों की पहचान, पात्रता सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

हालांकि सरकार की ओर से इन कर्मचारियों के लिए किसी अलग आवेदन प्रक्रिया या विशेष पंजीकरण अभियान की आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

पांच लाख से अधिक लोगों को मिल सकता है फायदा

प्रस्तावित योजना का दायरा काफी व्यापक बताया जा रहा है। लगभग 1.15 लाख परिवारों के पांच लाख से अधिक सदस्य इससे लाभान्वित हो सकते हैं।

इसमें सहिया कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के पात्र परिवार सदस्य शामिल होंगे।

योजना का क्रियान्वयन शुरू होने के बाद लाभार्थियों की वास्तविक संख्या पात्रता संबंधी नियमों और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने से इन कर्मचारियों के परिवारों में इलाज को लेकर आर्थिक अनिश्चितता कम हो सकती है।

इसके साथ ही गंभीर बीमारी की स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

अंतिम मंजूरी और दिशा-निर्देशों का इंतजार

फिलहाल यह व्यवस्था प्रस्ताव के स्तर पर बताई जा रही है। ऐसे में इसे पूरी तरह लागू योजना मानना अभी जल्दबाजी होगी।

सरकार की ओर से अंतिम मंजूरी, पात्रता की शर्तें, अस्पतालों की सूची और उपचार संबंधी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही लाभार्थियों के लिए पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि वर्तमान में किसी अन्य स्वास्थ्य योजना से जुड़े परिवारों को प्रस्तावित व्यवस्था में किस तरह शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा स्वास्थ्य सुरक्षा की कुल सीमा और दोनों योजनाओं के बीच लाभ के समन्वय को लेकर भी स्पष्ट नियम आवश्यक होंगे।

जमीनी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण पहल

झारखंड में सहिया और आंगनबाड़ी कर्मचारी स्वास्थ्य, पोषण तथा सामाजिक कल्याण योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

ऐसे कर्मचारियों के परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना उनके कल्याण की दिशा में सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।

यदि सरकार का प्रस्ताव मंजूर होकर लागू होता है, तो राज्य के लगभग 1.15 लाख परिवारों और पांच लाख से अधिक सदस्यों को 15 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकती है। अब संबंधित कर्मचारियों को योजना की अंतिम स्वीकृति और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार रहेगा।

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