झारखंड

चंद घंटों की बारिश ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल

Saba Naaz
17 July 2026 7:23 PM IST
चंद घंटों की बारिश ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल
x

जमशेदपुर। शुक्रवार सुबह हुई कुछ घंटों की तेज बारिश ने जमशेदपुर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कें तालाब में बदल गईं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया। सबसे ज्यादा परेशानी जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) क्षेत्र के पटेल नगर और टीचर्स कॉलोनी में देखने को मिली, जहां 200 से अधिक घरों में बारिश और नालों का गंदा पानी घुस गया।

जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में पानी भरने से फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, राशन और अन्य घरेलू सामग्री खराब हो गई। कई परिवार घंटों तक अपने घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हर साल मानसून आते ही शहर की स्थिति खराब हो जाती है।

बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव देखने को मिला। साकची, मानगो, आजादनगर, जाकिरनगर, सोनारी, लक्ष्मीनगर, बर्मामाइंस, कदमा, टेल्को, जुबली पार्क गेट, मानगो छोटा पुल और टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर पार्किंग क्षेत्र में पानी जमा हो गया। कई जगहों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वाहन चालक भी जलभराव के बीच धीरे-धीरे वाहन चलाने को मजबूर हुए।

टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर भी जलजमाव की स्थिति बनी रही। यात्रियों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। स्टेशन परिसर के बाहर जमा पानी के कारण लोगों को परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि समय रहते नालों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया।

मानगो नगर निगम क्षेत्र के जाकिरनगर में भी हालात खराब रहे। यहां रोड नंबर 13, 14, 15, 16 और 17 के आसपास करीब 15 से 20 घरों में नाले का पानी घुस गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों में गाद और कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती है और हर साल बारिश के दौरान यही समस्या सामने आती है।

लोगों ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मानसून से पहले बड़े नालों की सफाई और जल निकासी मार्गों की जांच होनी चाहिए थी। यदि समय रहते व्यवस्था ठीक कर दी जाती तो लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

जलभराव को लेकर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जल निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।

जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने भी शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने नगर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बारिश से पहले तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग नजर आती है। उन्होंने कहा कि हर साल लोग जलभराव की समस्या झेलते हैं, लेकिन नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है।

विधायक ने इस मामले को लेकर उपायुक्त को भी स्थिति से अवगत कराया और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने, नालों की तत्काल सफाई कराने तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

शहरवासियों का कहना है कि जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम बेहद जरूरी है। मानसून के दौरान बार-बार होने वाले जलभराव से न केवल लोगों को परेशानी होती है, बल्कि शहर की छवि पर भी असर पड़ता है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी योजना तैयार करना है।

Next Story