झारखंड

रामगढ़ में आपदा प्रभावितों को 52.65 लाख सहायता, DBT से भुगतान

Kavita2
28 Jun 2026 10:20 AM IST
रामगढ़ में आपदा प्रभावितों को 52.65 लाख सहायता, DBT से भुगतान
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Jharkhand झारखंड : हेमंत सोरेन सरकार ने रामगढ़ जिले में आपदा से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करते हुए आर्थिक सहायता जारी की है। इस क्रम में जिला प्रशासन ने शनिवार को कुल 52 लाख 65 हजार 500 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी।

यह सहायता राशि वज्रपात, पानी में डूबने और सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के साथ-साथ पशुधन की क्षति झेलने वाले किसानों को मुआवजे के रूप में प्रदान की गई है। सरकार की ओर से इसे आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह राशि उन सभी मामलों में स्वीकृत की गई है जिनमें हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं के कारण जान-माल का नुकसान हुआ था। प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से यह भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई।

इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता और उपायुक्त ऋतुराज ने संयुक्त रूप से सहायता राशि जारी की। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता की संभावना समाप्त हो। इससे लाभार्थियों को बिना किसी दफ्तर के चक्कर लगाए तुरंत राहत मिल सकेगी।

प्रशासन के अनुसार, वज्रपात और डूबने जैसी प्राकृतिक घटनाओं में कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में यह सहायता राशि उनके लिए तत्काल सहारा साबित होगी।

इसके अलावा, पशुधन की क्षति झेलने वाले किसानों को भी मुआवजा दिया गया है, क्योंकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पशुओं की हानि से किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है, जिसे देखते हुए सरकार ने इस पहल को प्राथमिकता दी है।

जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जैसे-जैसे नए मामले सामने आ रहे हैं, उनके लिए भी राहत प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपदा प्रभावित परिवार को सहायता के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। इसी कारण भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाया गया है।

स्थानीय स्तर पर इस कदम की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में राशि आने से पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है।

सरकार का मानना है कि आपदा प्रबंधन केवल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पुनर्वास और आर्थिक स्थिरता भी शामिल है। इसी दिशा में आगे भी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

इस तरह रामगढ़ जिले में की गई यह आर्थिक सहायता आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत और भरोसे का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है, जिससे उन्हें कठिन समय में आर्थिक संबल मिला है।

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