जम्मू और कश्मीर

नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता मुस्तफा कमाल नहीं रहे, श्रीनगर में निधन

Saba Naaz
14 July 2026 6:57 PM IST
नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता मुस्तफा कमाल नहीं रहे, श्रीनगर में निधन
x

जम्मू-कश्मीर: राजनीति के वरिष्ठ नेता और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के दिग्गज नेता डॉ. शेख मुस्तफा कमाल का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने श्रीनगर के पारस अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

डॉ. शेख मुस्तफा कमाल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के चाचा और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई थे। वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने दशकों तक पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि डॉ. मुस्तफा कमाल पिछले कुछ दिनों से श्रीनगर के पारस अस्पताल में भर्ती थे। लंबी बीमारी से जूझने के बाद मंगलवार शाम करीब 5 बजे उनका निधन हो गया।

डॉ. शेख मुस्तफा कमाल जम्मू-कश्मीर सरकार में तीन बार मंत्री भी रह चुके थे। वह पार्टी के भीतर एक अनुभवी राजनेता के रूप में जाने जाते थे। उनकी पहचान एक बेबाक वक्ता और राजनीतिक मामलों की गहरी समझ रखने वाले नेता के तौर पर थी।

मुस्तफा कमाल नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला के परिवार से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में अब्दुल्ला परिवार की अहम भूमिका रही है और मुस्तफा कमाल इस राजनीतिक विरासत के प्रमुख चेहरों में शामिल थे।

उनके निधन पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने चाचा को याद करते हुए कहा कि यह उनके परिवार और पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए डॉ. मुस्तफा कमाल के साथ अपने संबंधों और उनके मार्गदर्शन को याद किया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अन्य नेताओं, कार्यकर्ताओं और जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक लोगों ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। नेताओं ने कहा कि डॉ. मुस्तफा कमाल का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

डॉ. शेख मुस्तफा कमाल का राजनीतिक सफर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने विधानसभा और सरकार में रहते हुए राज्य के विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई। पार्टी संगठन को मजबूत करने में भी उनकी भूमिका अहम रही।

उनके निधन से नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपना एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता खो दिया है। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

Next Story