जम्मू और कश्मीर

Diwali पर पुंछ में पटाखों की धमक से गूंजा आसमान, उत्सव में शामिल हुए हजारों लोग

SHIDDHANT
21 Oct 2025 10:05 PM IST
Diwali पर पुंछ में पटाखों की धमक से गूंजा आसमान, उत्सव में शामिल हुए हजारों लोग
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Poonch पुंछ: दिवाली के पावन अवसर पर पुंछ जिला पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंगलवार की शाम से ही शहर और कस्बों में पटाखों की धमक और आतिशबाजी ने पूरे आसमान को रोशन कर दिया। स्थानीय लोग और परिवार अपने घरों और मंदिरों में दीप जलाकर पर्व की शुरुआत कर रहे थे। पुंछ के विभिन्न मोहल्लों और गलियों में लोग सुबह से ही सफाई और सजावट में जुटे हुए थे। घर-घर में रंगोली बनाई गई, मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन हुआ और आंगनों में दीपों की श्रृंखलाओं ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। दिवाली के इस भव्य आयोजन में हजारों लोग शामिल हुए और उन्होंने पटाखों और आतिशबाजी के माध्यम से अपने खुशियों का इजहार किया।
स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए। पुलिस और सुरक्षा बल शहर और कस्बों में गश्त करके भीड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित करने में लगे रहे। उन्होंने लोगों से आग और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी की। पुंछ में आतिशबाजी का माहौल पूरे दिन बना रहा। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई दिवाली की रोशनी और पटाखों की धमक में शामिल हुआ। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें भजन, कीर्तन और नृत्य के माध्यम से लोगों ने भगवान के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त की।
स्थानीय व्यापारियों ने भी दिवाली के मौके पर अपने दुकानों और बाजारों को सजाया। मिठाइयों, सजावट सामग्री और पटाखों की बिक्री में तेजी देखने को मिली। कई लोगों ने अपने घरों और दुकानों की सजावट में दीयों और रंग-बिरंगी लाइटों का विशेष इस्तेमाल किया। विभिन्न समुदायों और धर्मों के लोग भी इस अवसर पर एक साथ आए और आपसी भाईचारे और मेलजोल का संदेश दिया। पुंछ में दिवाली सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी बन गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि दिवाली के इस त्योहार में घरों और गलियों को दीपों की रौशनी से सजाना, पटाखों की आवाज और मिठाइयों का आदान-प्रदान करना, पुराने और नए लोगों के बीच मेलजोल बढ़ाने का एक अवसर है। बच्चों और युवाओं में इस अवसर को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। इस प्रकार, पुंछ में दिवाली ने न केवल धार्मिक भक्ति को प्रदर्शित किया बल्कि शहरवासियों के जीवन में उल्लास, खुशियों और सांस्कृतिक एकता की भावना को भी प्रबल किया। पटाखों की चमक और दीयों की रोशनी ने इस पर्व को यादगार बना दिया।
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