जम्मू और कश्मीर

डेली वेजरों को जल्द नियमित करेंगे बोले सुरिंदर चौधरी

SHIDDHANT
15 Sept 2026 8:34 PM IST
डेली वेजरों को जल्द नियमित करेंगे बोले सुरिंदर चौधरी
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Kishtwar. किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर में डेली वेजर और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण के सवाल पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि डेली वेजरों को नियमित करना सरकार की प्रतिबद्धता है और इस दिशा में कमेटी बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने प्रक्रिया पूरी होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। चौधरी ने कहा कि सरकार का वादा पांच साल का है, दो साल का नहीं। किश्तवाड़ में दिए बयान में उपमुख्यमंत्री ने डेली वेजरों के नियमितीकरण को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि सभी डेली वेजरों को नियमित करना है और सरकार यह काम बहुत जल्द करेगी। उनके बयान में नियमितीकरण की प्रतिबद्धता दोहराई गई, लेकिन इसके लिए पात्रता, विभागवार प्रक्रिया या कर्मचारियों की संख्या जैसी जानकारियां सामने नहीं आईं।
चौधरी ने कहा कि इस विषय पर कमेटी बनी हुई है। हालांकि, उपलब्ध बयान में उन्होंने कमेटी की सिफारिशों, उसकी रिपोर्ट की स्थिति अथवा रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया। ऐसे में कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया किस चरण में है और अगला प्रशासनिक कदम क्या होगा, यह उनके इस बयान से स्पष्ट नहीं होता। सरकार के वादे की अवधि का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता पांच साल की है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने नियमितीकरण के सवाल को सरकार के पूरे कार्यकाल से जोड़कर रखा। साथ ही जल्द कार्रवाई का भरोसा भी दिया। हालांकि, “बहुत जल्द” के लिए कोई निर्धारित अवधि नहीं बताई गई है।
एनएचएम कर्मचारियों के मुद्दे पर चौधरी का रुख तल्ख रहा। उन्होंने एनएचएम को केंद्र प्रायोजित योजना बताते हुए कहा कि “ड्रामा करने से कुछ नहीं होगा।” उपलब्ध बयान में यह स्पष्ट नहीं है कि यह टिप्पणी किसी विशेष प्रदर्शन, संगठन या घटना के संदर्भ में की गई थी। इसलिए इसे किसी खास कर्मचारी समूह के आंदोलन से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उपमुख्यमंत्री ने एनएचएम और डेली वेजर कर्मचारियों के सवाल पर अलग-अलग बातें रखीं। एनएचएम के मामले में उन्होंने योजना के केंद्र प्रायोजित होने पर जोर दिया, जबकि डेली वेजरों के लिए नियमितीकरण का आश्वासन दिया। हालांकि, एनएचएम कर्मचारियों की मांग पर आगे क्या कदम उठाया जाएगा, इसका विवरण उन्होंने नहीं दिया।
बयान में एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर किसी मंजूरी, प्रस्ताव या केंद्र सरकार से पत्राचार का उल्लेख भी नहीं है। इसी तरह डेली वेजरों के संबंध में किसी नए आदेश के जारी होने की जानकारी नहीं दी गई। इसलिए इस वक्त इसे नियमितीकरण लागू होने की घोषणा के बजाय सरकार की ओर से दिया गया आश्वासन माना जाना चाहिए। कर्मचारियों के लिए अब नियमितीकरण की समयसीमा और प्रक्रिया से जुड़ी स्पष्ट जानकारी अहम होगी। कमेटी की रिपोर्ट, पात्रता की शर्तें और विभागवार आदेश सामने आने पर ही फैसले के दायरे की तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल चौधरी के बयान का मुख्य संदेश यही है कि सरकार डेली वेजरों को नियमित करने का अपना वादा दोहरा रही है, जबकि एनएचएम कर्मचारियों के मामले में उन्होंने योजना की केंद्रीय प्रकृति का हवाला दिया है।
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