छत्तीसगढ़
स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, बेमेतरा CMHO को किया निलंबित
Shantanu Roy
15 Sept 2026 8:16 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। बेमेतरा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अमृतलाल रोहलेडर को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रति कथित अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी, अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल तथा अनुचित स्पर्श से संबंधित शिकायतों की जांच के बाद लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने यह कार्रवाई की है। जांच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए जाने की बात कही गई है। जानकारी के अनुसार डॉ. रोहलेडर के खिलाफ महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से शिकायतें सामने आई थीं। इनमें उनके व्यवहार और भाषा को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने मामले की जांच कराई।
जांच के दौरान शिकायत करने वाली संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी ली गई। सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट में डॉ. रोहलेडर के खिलाफ अनुचित भाषा के इस्तेमाल और अनुचित स्पर्श से संबंधित आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। इसके बाद जांच अधिकारी ने उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा की। जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. अमृतलाल रोहलेडर को निलंबित करने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान डॉ. रोहलेडर का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, जगदलपुर संभाग-बस्तर निर्धारित किया गया है। शासन के आदेश के अनुसार वे सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर समाज की सेवा करने के साथ संवेदनशील और मर्यादित आचरण बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। किसी भी पद पर बैठा व्यक्ति नियमों और मर्यादाओं से ऊपर नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार की यह कार्रवाई कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है। विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए निलंबन का निर्णय लिया है। हालांकि निलंबन को अंतिम रूप से दोष सिद्ध होना नहीं माना जाता। विभागीय प्रक्रिया और आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई में संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। इसके बाद नियमों के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।
Next Story





