जम्मू और कश्मीर

ड्रग्स रोकथाम में सख्ती और त्वरित कार्रवाई पर जोर: CS

Ratna Netam
6 May 2026 4:42 PM IST
ड्रग्स रोकथाम में सख्ती और त्वरित कार्रवाई पर जोर: CS
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Kashmir.कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव (CS) ने आज ड्रग्स के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने, तेज़ी से मुकदमे चलाने और मजबूत रिहैबिलिटेशन केंद्रों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि ड्रग्स के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई करें और युवाओं को इस खतरे से दूर रखने के प्रयास तेज करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि नशे की समस्या केवल अपराध का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज के स्वास्थ्य और युवा पीढ़ी के भविष्य को सीधे प्रभावित करती है। उन्होंने कहा, “ड्रग्स के खतरे को कम करने के लिए तीन प्रमुख स्तंभ जरूरी हैं – कड़े कानून का सख्ती से पालन, अपराधियों के खिलाफ तेज़ मुकदमे और प्रभावित व्यक्तियों के लिए प्रभावी रिहैबिलिटेशन।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग तस्करी और नशे के मामलों की जांच में तेजी लाएं और हर केस में जवाबदेही सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि रिहैबिलिटेशन कार्यक्रमों को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानें, बल्कि उन्हें प्रभावी, तकनीकी और मानसिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मजबूत बनाया जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार ने कई क्षेत्रों में रिहैबिलिटेशन केंद्र स्थापित किए हैं, लेकिन अभी भी इनकी क्षमता और सेवाओं में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केंद्रों में चिकित्सकीय, मानसिक और सामाजिक पुनर्वास के उपायों को मजबूत किया जाए ताकि नशे से प्रभावित व्यक्ति समाज में सफलतापूर्वक लौट सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रग्स के खिलाफ सख्ती और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया न केवल तस्करों के लिए डर पैदा करती है बल्कि युवाओं को भी इस खतरे से दूर रखती है। इसके साथ ही, रिहैबिलिटेशन केंद्रों की प्रभावी कार्यप्रणाली नशे से मुक्त समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है।
मुख्य सचिव ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ड्रग्स के खिलाफ नियमित निगरानी, सामुदायिक जागरूकता अभियान और स्कूल-विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी इस समस्या से निपटने में निर्णायक होगी।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने CS की पहल का स्वागत किया। उनका कहना था कि सरकार का यह दृष्टिकोण न केवल तस्करों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को सुरक्षित रखने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
मुख्य सचिव ने अंत में सभी विभागों से आग्रह किया कि ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में तेजी, पारदर्शिता और सामूहिक प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि केवल कड़ी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सही रिहैबिलिटेशन और सामाजिक पुनर्वास से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
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