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Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर पब्लिक असिस्टेंट्स एसोसिएशन (जेकेपीए) ने केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन से मेडिकल अलाउंस में बढ़ोतरी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा मेडिकल भत्ता कर्मचारियों की वास्तविक स्वास्थ्य आवश्यकताओं और महंगाई के अनुरूप नहीं है।
जेकेपीए के अध्यक्ष ने बताया कि कोविड-19 महामारी और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बाद कर्मचारियों पर चिकित्सा खर्च का बोझ और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों को मिलने वाला मेडिकल अलाउंस पर्याप्त नहीं है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी खर्च करना पड़ता है।
संगठन ने कहा कि यदि मेडिकल अलाउंस में समय पर बढ़ोतरी नहीं की गई, तो यह कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वे कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण को ध्यान में रखते हुए इस भत्ते में तुरंत सुधार करें।
जेकेपीए ने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल मौजूदा कर्मचारियों के लिए ही नहीं बल्कि नए नियुक्त कर्मचारियों के लिए भी समान रूप से न्यायसंगत और पर्याप्त मेडिकल भत्ता चाहते हैं। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों का स्वास्थ्य ही उनकी कार्यक्षमता और प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।
संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपने सुझाव में यह भी रखा कि मेडिकल अलाउंस की बढ़ोतरी केवल राशि में नहीं बल्कि भत्ते की संरचना और सेवाओं के कवरेज में सुधार के रूप में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए उचित मेडिकल भत्ता उनकी कार्यकुशलता और संतोषजनक सेवा देने के लिए आवश्यक है। यदि यह भत्ता पर्याप्त और समय पर न मिले, तो कर्मचारियों में असंतोष और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की संभावना बढ़ जाती है।
स्थानीय कर्मचारियों ने जेकेपीए की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा भत्ता बढ़ती महंगाई और इलाज की लागत के मुकाबले बहुत कम है। उनका कहना है कि प्रशासन को कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जेकेपीए ने प्रशासन से यह भी कहा कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द बैठक बुलाकर मेडिकल अलाउंस में बढ़ोतरी पर निर्णय लें। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अन्य सक्रिय कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
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