जम्मू और कश्मीर

Srinagar सरकार को 15 दिनों में नीति तय करने का आदेश

Kiran
1 Oct 2026 2:24 PM IST
Srinagar सरकार को 15 दिनों में नीति तय करने का आदेश
x
Srinagar श्रीनगर, नई कार पॉलिसी को अंतिम रूप देने में हुई लंबी देरी का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए, विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने बुधवार को सरकार को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि पॉलिसी को 15 दिनों के भीतर अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाए। यह निर्देश परिवहन मंत्री सतीश शर्मा द्वारा कार पॉलिसी पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि विभाग आवश्यक अंतर-विभागीय परामर्श करेगा और पॉलिसी को अंतिम रूप देने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करेगा। गौरतलब है कि अध्यक्ष ने पहले ही नई कार पॉलिसी बनाने में हुई लंबी देरी का संज्ञान लिया था और संबंधित मंत्री को चल रहे सत्र में इस मामले पर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।
अध्यक्ष ने कहा, "नई कार पॉलिसी को 15 दिनों के भीतर अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाना चाहिए। इस मामले को और अधिक समय तक लंबित नहीं रहने दिया जाना चाहिए। सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं और सरकारी वाहनों के अधिकार और उपयोग को नियंत्रित करने वाले स्पष्ट और अद्यतन नियमों की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।"
अध्यक्ष ने टिप्पणी की कि वे निर्धारित अधिकार से अधिक सरकारी वाहनों के उपयोग को सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग कहने में संकोच नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सरकारी अधिकारियों के खिलाफ नहीं है, जिन्हें निर्धारित नियमों के तहत वे वाहन और सुविधाएं दी जानी चाहिए जिनके वे विधिवत हकदार हैं। अपनी टिप्पणियों में, अध्यक्ष ने कहा कि इस मुद्दे के महत्व के बावजूद यह मामला लगभग पांच वर्षों से एक विभाग से दूसरे विभाग में घूम रहा है। उन्होंने पॉलिसी को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से सार्वजनिक संसाधनों के उचित और विवेकपूर्ण उपयोग से संबंधित चिंताओं को देखते हुए।
अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने नई कार पॉलिसी शुरू करने की आवश्यकता को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है और विभागों के बीच प्रस्ताव की बार-बार आवाजाही पर सवाल उठाया, जिसमें मामले को वित्त विभाग को वापस भेजने की आवश्यकता भी शामिल है। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी अधिकारियों के अधिकारों को एक व्यापक नीति के तहत स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए और मामले को अंतिम रूप देने में और देरी नहीं होनी चाहिए।
Next Story