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Srinagar: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ टीम तैयार
श्रीनगर: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि सरकार जम्मू.कश्मीर में सभी संवेदनशील जगहों की पहचान करने और भविष्य में जानमाल के नुकसान को रोकने के उपाय सुझाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बनाने पर विचार कर रही है।
यह बयान पिछले हफ़्ते किश्तवाड़ ज़िले में बादल फटने से 60 से ज्यादा और कठुआ ज़िले में सात लोगों की मौत के कुछ दिनों बाद आया है।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि किश्तवाड़ की स्थिति सभी को पता है और दिन.व.दिन लापता लोगों का ज़िंदा पता लगाना नामुमकिन होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में हमारी कोशिश ज्यादा से ज्यादा शवों को बरामद करके अंतिम संस्कार के लिए परिवारों को सौंपने की होगी।
उन्होंने आगे कहा कि वहाँ के लोगों ने कई मुद्दे उठाए हैं और सरकार उन पर गौर करेगी और उसके अनुसार फ़ैसले लेगी। उन्होंने कहा कि हम लोगों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि किश्तवाड़ की घटना बादल फटने के कारण हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संवेदनशील इलाकों की पहचान के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाएगी। हमें यह देखना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं में कम से कम नुकसान सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। हम उनसे निवारक उपायों के बारे में रिपोर्ट माँगेंगे।
उन्होंने कहा कि रामबन में भी ऐसी ही स्थिति पहले देखी गई थी लेकिन किश्तवाड़ की तुलना में जनहानि कम हुई थी।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इतिहास को तोड़.मरोड़ कर पेश करनाए खासकर राजनेताओं द्वारा गलत है। उन्होंने पूछा कि कोई भी सरकार हमेशा नहीं टिक सकती। अगर कल मौजूदा सरकार बदल जाती है तो क्या होगा अगर अगली सरकार आरएसएस के खिलाफ लिखने लगेघ् और कहा कि इतिहास को राजनीति से दूर रखना ही बेहतर है।
राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए हस्ताक्षर अभियान की विपक्ष द्वारा आलोचना पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार का विरोध करना उनका काम है। उन्होंने आगे कहा कि अगर वे नहीं चाहते कि हम लोगों के पास जाएँ और राज्य का दर्जा बहाल न हो तो कोई बात नहीं। जब हम ऐसा नहीं कर रहे थेए तब वे हमसे पूछते थे कि वे लोगों को शामिल क्यों नहीं करते। विपक्ष का काम विरोध करना है और हमारा काम काम करना हैए उन्हें अपना काम करने दीजिए।





