जम्मू और कश्मीर

एलओसी पर खेल से शांति और एकता का संदेश पुंछ में ‘कृष्णा घाटी प्रीमियर लीग’ का शुभारंभ, ब्रिगेडियर अमित बोले

SHIDDHANT
2 Nov 2025 9:30 PM IST
एलओसी पर खेल से शांति और एकता का संदेश पुंछ में ‘कृष्णा घाटी प्रीमियर लीग’ का शुभारंभ, ब्रिगेडियर अमित बोले
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Jammu जम्मू: नियंत्रण रेखा (LoC) के पास खेल और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना की कृष्णा घाटी ब्रिगेड ने शनिवार को ‘कृष्णा घाटी प्रीमियर लीग (KGPL)’ के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में ब्रिगेडियर अमित, कमांडर — कृष्णा घाटी ब्रिगेड, ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल सीमावर्ती इलाकों में शांति, भाईचारे और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।
ब्रिगेडियर अमित ने कहा, “आज के उद्घाटन समारोह में शामिल होकर मुझे बेहद गर्व और खुशी महसूस हो रही है। पुंछ के युवा जोश और अनुशासन के साथ मैदान में उतर रहे हैं, यह दिखाता है कि यहां की नई पीढ़ी देश के विकास में योगदान देने के लिए तैयार है।” उन्होंने आगे कहा कि सेना सदैव युवाओं को सही दिशा देने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीमावर्ती युवाओं के लिए बड़ा मंच
इस टूर्नामेंट में पुंछ और आस-पास के क्षेत्रों की 16 स्थानीय टीमें भाग ले रही हैं। लीग का आयोजन सेना द्वारा स्थानीय प्रशासन और नागरिक समाज के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला — बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और दर्शकों ने तिरंगा लहराते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
सेना अधिकारियों ने बताया कि “कृष्णा घाटी प्रीमियर लीग” का मकसद सीमावर्ती इलाकों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को नशे व नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखना है। पिछले वर्ष आयोजित पहले संस्करण की सफलता के बाद इस बार प्रतियोगिता को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया है।
समाज और सेना के बीच भरोसे की डोर
ब्रिगेडियर अमित ने अपने संबोधन में कहा कि “भारतीय सेना सिर्फ सुरक्षा बल नहीं, बल्कि समाज की शक्ति का हिस्सा है। हमारा उद्देश्य सीमावर्ती युवाओं को खेल और शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है।” उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि वे खेलों में अधिक से अधिक भाग लें और क्षेत्र की सकारात्मक पहचान बनाएं।
फाइनल मुकाबले का इंतजार
लीग के फाइनल मुकाबले में विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सेना ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे ताकि सीमा पार तनाव की छवि को बदलकर शांति और विकास की नई तस्वीर पेश की जा सके।
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