जम्मू और कश्मीर

शिवसेना ने J&K को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की

Payal
13 April 2026 6:18 PM IST
शिवसेना ने J&K को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की
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JAMMU.जम्मू: शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा देने की जोरदार मांग की है। पार्टी ने कहा कि पिछले वर्षों में राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता बढ़ी है, और इसे पुनर्स्थापित करना आवश्यक है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अपरिहार्य है।
शिवसेना ने अपने बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35A को हटाए जाने के बाद क्षेत्र के लोगों में असंतोष बढ़ा है। पार्टी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत राज्य के दर्जे को बहाल करने पर विचार करे।
पार्टी का मानना है कि राज्य के दर्जे को बहाल करने से स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा। साथ ही, इससे जम्मू-कश्मीर में आर्थिक और सामाजिक विकास की नई दिशा मिलेगी। शिवसेना नेताओं ने कहा कि यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे देश में संघीय ढांचे और संवैधानिक संतुलन के लिए भी आवश्यक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस मांग ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। राज्य के दर्जे को बहाल करने का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है और इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अलग-अलग राय रखते हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस बयान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि राज्य के दर्जे को बहाल करने से स्थानीय प्रशासन में स्थिरता आएगी और लोगों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत संवैधानिक आधार मिलेगा।
शिवसेना ने आगे कहा कि राज्य के दर्जे को बहाल करने से जम्मू-कश्मीर में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। पार्टी का कहना है कि यदि राज्य का दर्जा पुनः स्थापित किया जाता है, तो यह क्षेत्र की सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य को भी मजबूत करेगा।
कुल मिलाकर, शिवसेना की यह मांग राष्ट्रीय राजनीति में नए सिरे से बहस का विषय बन गई है। पार्टी के नेता लगातार इस मुद्दे को उजागर कर रहे हैं और केंद्र सरकार से संवैधानिक और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से इसका समाधान निकालने का आग्रह कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में राज्य के दर्जे को बहाल करने का सवाल आने वाले समय में राजनीतिक बहस और निर्णयों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा।
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