- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- Sheetal ने झीलों के...
जम्मू और कश्मीर
Sheetal ने झीलों के संरक्षण के लिए रणनीति बनाने पर जोर दिया
Ratna Netam
19 April 2026 4:56 PM IST

x
Jammu.जम्मू: जम्मू में पर्यावरण विशेषज्ञ और संरक्षण कार्यकर्ता शीतल ने हाल ही में झीलों की इकोलॉजिकल इंटीग्रिटी को बनाए रखने और उनके संरक्षण के लिए विशेष एक्शन प्लान बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झीलें केवल प्राकृतिक सौंदर्य का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे स्थानीय जलवायु, जैव विविधता और पानी की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
शीतल ने बताया कि कई झीलें प्रदूषण, अतिक्रमण और जलवायु परिवर्तन के कारण खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि झीलों की इकोलॉजिकल इंटीग्रिटी बनाए रखने के लिए एक संगठित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से योजना बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए सरकारी निकायों, स्थानीय समुदाय और पर्यावरण विशेषज्ञों का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने कहा कि एक्शन प्लान में झीलों के पानी की गुणवत्ता, आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता और स्थायी पर्यटन जैसे पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए। शीतल ने चेतावनी दी कि यदि यह कार्य समय रहते नहीं किया गया, तो झीलों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है और इससे स्थानीय जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
शीतल ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई झीलें पहले ही मानव गतिविधियों के कारण खतरे में आ गई हैं। उन्होंने कहा कि न केवल जल प्रदूषण बल्कि प्लास्टिक और औद्योगिक अपशिष्ट भी झीलों की जैविक संरचना को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित सफाई, जल प्रवाह की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में संरक्षित क्षेत्र बनाने जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि झीलों की सुरक्षा के लिए केवल प्रशासनिक आदेश पर्याप्त नहीं हैं। आवश्यक है कि स्थानीय समुदायों को जागरूक किया जाए और उन्हें झीलों के संरक्षण में सक्रिय भागीदार बनाया जाए। शीतल ने कहा कि यह कदम न केवल पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा करेगा बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभदायक होगा।
शीतल ने अंत में कहा कि झीलें हमारी प्राकृतिक विरासत हैं और उन्हें बचाने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदार और सतत प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वे जल संसाधनों के संरक्षण के लिए नीति निर्माण में वैज्ञानिक डेटा और पारिस्थितिकीय दृष्टिकोण को शामिल करें।
इस प्रकार, शीतल का यह संदेश यह स्पष्ट करता है कि झीलों की सुरक्षा और उनके पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा सिर्फ पर्यावरण की जरूरत नहीं बल्कि स्थानीय जीवन और जलवायु संतुलन बनाए रखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
TagsSheetalझीलों के संरक्षणरणनीति बनानेconservation of lakesstrategy makingजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





