जम्मू और कश्मीर

गवर्नेंस लैंडस्केप में टेक्नोलॉजी पर ISTD की चर्चा

Ratna Netam
19 April 2026 4:30 PM IST
गवर्नेंस लैंडस्केप में टेक्नोलॉजी पर ISTD की चर्चा
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Jammu.जम्मू: इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट (ISTD) ने हाल ही में गवर्नेंस लैंडस्केप में टेक्नोलॉजी की भूमिका पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया। इस सेमिनार का उद्देश्य डिजिटल युग में प्रशासनिक सुधार, सरकारी नीतियों में तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रबंधन अनुभव साझा करना था।
सेमिनार में भारत और अन्य देशों के विशेषज्ञ, नीति निर्माता, शैक्षणिक अनुसंधानकर्ता और टेक्नोलॉजी पेशेवरों ने भाग लिया। उन्होंने आधुनिक तकनीकी समाधानों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी गवर्नेंस को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
ISTD के अध्यक्ष ने उद्घाटन सत्र में कहा कि टेक्नोलॉजी का सही उपयोग सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल समाधान केवल प्रशासनिक उपकरण नहीं हैं, बल्कि नागरिकों की सुविधा, सहभागिता और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
सेमिनार के दौरान विभिन्न सत्र आयोजित किए गए जिसमें केस स्टडी, विशेषज्ञ पैनल और इंटरैक्टिव वर्कशॉप शामिल थे। भाग लेने वाले विशेषज्ञों ने गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी के बीच तालमेल बनाए रखने, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा की चुनौतियों, और स्मार्ट सिटी और ई-गवर्नेंस मॉडल के उदाहरण साझा किए।
विशेष रूप से, इंटरनेशनल पैनल ने अन्य देशों के सफल डिजिटल गवर्नेंस मॉडल जैसे एस्टोनिया का ई-गवर्नेंस सिस्टम और सिंगापुर की स्मार्ट सिटी पहल पर चर्चा की। इससे प्रतिभागियों को वैश्विक दृष्टिकोण से सीखने और भारत के लिए अनुकूल नीतियाँ विकसित करने के अवसर मिले।
ISTD ने इस सेमिनार के माध्यम से शैक्षणिक और प्रशासनिक समुदाय को एक मंच प्रदान किया जहां वे नवीनतम टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस प्रथाओं के बारे में विचार साझा कर सकें। उन्होंने जोर दिया कि नीति निर्माण में टेक्नोलॉजी के सही और नैतिक उपयोग से सरकारी सेवाओं में सुधार और नागरिक संतोष सुनिश्चित किया जा सकता है।
अंत में, सेमिनार के आयोजकों ने कहा कि यह पहल भविष्य में लगातार आयोजित की जाएगी ताकि डिजिटल गवर्नेंस में नवाचार और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से भारत में सरकारी प्रशासन में टेक्नोलॉजी के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
ISTD का यह अंतरराष्ट्रीय सेमिनार यह दर्शाता है कि आधुनिक गवर्नेंस में टेक्नोलॉजी का महत्व बढ़ता जा रहा है और प्रशासनिक सुधार, दक्षता और पारदर्शिता के लिए वैश्विक अनुभवों का उपयोग करना आवश्यक है।
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