जम्मू और कश्मीर

SCERT ने शिक्षकों को AI और PAL कोर्स के लिए प्रशिक्षित किया

Ratna Netam
6 May 2026 2:44 PM IST
SCERT ने शिक्षकों को AI और PAL कोर्स के लिए प्रशिक्षित किया
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Jammu.जम्मू: राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने हाल ही में DIKSHA प्लेटफॉर्म पर AI-इनेबल्ड फीचर्स और PAL (Peer-Assisted Learning) कोर्स को लेकर एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों को नवीनतम तकनीकी उपकरणों और शिक्षण विधियों से परिचित कराना है।
कार्यक्रम में राज्य भर से शिक्षकों, शिक्षण सहायकों और शैक्षिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। SCERT के अधिकारियों ने बताया कि DIKSHA प्लेटफॉर्म अब AI-इनेबल्ड फीचर्स के माध्यम से शिक्षकों को व्यक्तिगत शिक्षण सामग्री,
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और विद्यार्थियों की प्रगति पर डेटा-आधारित इनसाइट प्रदान करता है। इस ओरिएंटेशन का उद्देश्य शिक्षकों को इन नए टूल्स का प्रभावी उपयोग सिखाना था।
PAL कोर्स का भी इस कार्यक्रम में विशेष महत्व था। यह कोर्स शिक्षकों को सहपाठी आधारित शिक्षण (Peer-Assisted Learning) की विधियों से परिचित कराता है, जिससे छात्र समूहों में एक-दूसरे की मदद से सीख सकते हैं। SCERT ने कहा कि PAL कोर्स से शिक्षकों को विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और सीखने की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
SCERT के निदेशक ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षा में तकनीकी नवाचार और सहयोगी सीखने की विधियां बहुत महत्वपूर्ण हैं। DIKSHA के AI फीचर्स और PAL कोर्स के माध्यम से शिक्षक अपने शिक्षण तरीकों को और प्रभावी बना सकते हैं। हमारा उद्देश्य हर शिक्षक को इस नई प्रणाली से परिचित कराना है।”
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न AI-उपकरणों का लाइव डेमो देखा और PAL कोर्स की तकनीकियों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिक्षकों ने इस अवसर को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए रोजमर्रा के शिक्षण में नई दृष्टि और प्रेरणा देगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म पर AI और PAL जैसी पहलें शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सीखने की गति को बढ़ाने में मदद करती हैं। उन्होंने SCERT की इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे राज्य के शिक्षा स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कार्यक्रम के समापन पर SCERT ने शिक्षकों को डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किए और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे अपने विद्यालयों में इन तकनीकों का प्रयोग करें। SCERT ने यह भी बताया कि भविष्य में और अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी शिक्षक नवीनतम शिक्षण विधियों से पूरी तरह परिचित हो सकें।
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