- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- Dr. Rajesh ने एम. एन....
जम्मू और कश्मीर
Dr. Rajesh ने एम. एन. श्रीनिवास की रचना का किया कश्मीरी अनुवाद
Ratna Netam
6 May 2026 2:34 PM IST

x
Jammu.जम्मू: साहित्य और भाषा प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशी की खबर है। जाने-माने लेखक एम. एन. श्रीनिवास की प्रसिद्ध पुस्तक का अनुवाद डॉ. राजेश ने कश्मीरी भाषा में किया है। यह अनुवाद कश्मीरी भाषा के साहित्यिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। डॉ. राजेश ने बताया कि उनका उद्देश्य यह था कि श्रीनिवास की पुस्तक का संदेश और विचार कश्मीरी भाषी पाठकों तक आसानी से पहुंचे। उन्होंने कहा, “एम. एन. श्रीनिवास की पुस्तक में समाज, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े गहरे विचार हैं। इसे अपनी मातृभाषा में पढ़ना पाठकों के लिए अनुभव को और भी समृद्ध बनाता है।” इस अनुवाद में केवल भाषा का रूपांतरण नहीं किया गया, बल्कि कश्मीर की सांस्कृतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए भाव और संदर्भ को भी पाठकों के लिए सहज बनाया गया है।
डॉ. राजेश ने कहा कि यह अनुवाद पूरी तरह से कश्मीरी पाठक समुदाय के लिए तैयार किया गया है, ताकि उन्हें पुस्तक के मूल अर्थ और संदेश का पूरा अनुभव मिल सके। साहित्यिक समीक्षकों ने इस अनुवाद की सराहना की है। उनका कहना है कि यह प्रयास कश्मीरी भाषा के लिए प्रेरक और नई दिशा देने वाला है। उन्होंने डॉ. राजेश की भाषा पर पकड़ और साहित्यिक संवेदनशीलता को भी विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया। एम. एन. श्रीनिवास की पुस्तक का मूल रूप में व्यापक रूप से अध्ययन किया जाता है। यह समाज, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने का मार्गदर्शन करती है। अब कश्मीरी अनुवाद के माध्यम से यह पुस्तक क्षेत्रीय पाठकों तक भी पहुँच सकेगी और उनकी सोच और ज्ञान को समृद्ध करेगी।
साहित्य जगत में यह कदम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि अनुवादित कार्य किसी भी भाषा या संस्कृति के बीच पुल बनाने का काम करते हैं। डॉ. राजेश ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस अनुवाद से कश्मीरी भाषा में साहित्यिक कामों की संख्या बढ़ेगी और युवा पीढ़ी के लिए पढ़ाई और ज्ञान का विस्तार होगा। कश्मीरी साहित्य प्रेमियों ने इस प्रयास का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अपने ही भाषा में ऐसे महत्वपूर्ण साहित्यिक कार्यों का पढ़ना गर्व की बात है। इससे न केवल साहित्यिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि भाषा के विकास और संरक्षण में भी मदद मिलेगी। डॉ. राजेश का कहना है कि वे भविष्य में भी ऐसे और अनुवाद कार्य करने का इरादा रखते हैं। उनका उद्देश्य है कि महत्वपूर्ण साहित्यिक और अकादमिक कृतियों को कश्मीरी भाषा में उपलब्ध कराकर भाषा और संस्कृति को मजबूत किया जा सके।
TagsDr. Rajeshएम. एन. श्रीनिवास की रचनाकश्मीरी अनुवादKashmiri translationby M. N. Srinivasजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





