जम्मू और कश्मीर

लद्दाख गतिरोध खत्म करने की तैयारी गृह मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम

nidhi
19 Aug 2026 8:30 AM IST
लद्दाख गतिरोध खत्म करने की तैयारी गृह मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम
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लेह में होगी अहम बैठक लद्दाख मुद्दों पर समाधान की उम्मीद बढ़ी
लेह: लद्दाख के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने पहल तेज कर दी है। गृह मंत्रालय (MHA) की एक उच्चस्तरीय टीम जल्द ही लेह पहुंचकर स्थानीय प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। इस बैठक में लद्दाख के लिए प्रस्तावित व्यवस्था, अधिकारों और भविष्य के प्रशासनिक ढांचे पर चर्चा होने की संभावना है।
गृह मंत्रालय की टीम लेह में लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी। इसके अलावा लद्दाख प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे। सरकार और स्थानीय संगठनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद को खत्म करने के लिए यह बैठक अहम मानी जा रही है।
चुनावी और संवैधानिक अधिकारों पर होगी चर्चा
लद्दाख के लोग लंबे समय से क्षेत्र के लिए अधिक राजनीतिक अधिकार, संवैधानिक सुरक्षा और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा की मांग करते रहे हैं। LAB और KDA की प्रमुख मांगों में विधानसभा जैसी व्यवस्था, भूमि और रोजगार की सुरक्षा तथा संवैधानिक संरक्षण शामिल हैं। गृह मंत्रालय की बैठक में केंद्र शासित प्रदेश स्तर की निर्वाचित संस्था बनाने, उसके अधिकारों और कामकाज की रूपरेखा पर चर्चा हो सकती है। इसमें वित्तीय, प्रशासनिक और कार्यकारी शक्तियों से जुड़े विषय भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हिल काउंसिल को लेकर भी मंथन
लद्दाख में पहले से मौजूद लेह और कारगिल स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (Hill Councils) की भूमिका को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। केंद्र सरकार नई व्यवस्था में इन परिषदों और प्रस्तावित निकाय के बीच तालमेल बनाने पर विचार कर रही है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि नई व्यवस्था में लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं और अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए। वहीं केंद्र सरकार क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।
लेह में लगातार दूसरी बड़ी बैठक
गृह मंत्रालय और लद्दाख प्रतिनिधियों के बीच यह लगातार दूसरी अहम बैठक होगी जो लेह में आयोजित की जा रही है। इससे पहले भी बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश की गई थी। माना जा रहा है कि इस बैठक में किसी संभावित रोडमैप पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी, जिससे लद्दाख में राजनीतिक असंतोष को कम किया जा सके।
गतिरोध खत्म होने की उम्मीद
लद्दाख को 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। इसके बाद से ही स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा को लेकर मांगें उठती रही हैं। अब गृह मंत्रालय की नई पहल से उम्मीद जगी है कि केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत से समाधान का रास्ता निकल सकता है। आने वाली बैठक में होने वाली चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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