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जम्मू और कश्मीर
J&K विधानसभा में उठेंगे अहम मुद्दे कारोबार से नशे तक कई बिल होंगे पेश
nidhi
19 Aug 2026 8:14 AM IST

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कारोबार आसान बनाने पर फोकस J&K सरकार लाएगी नए विधेयक
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा का आगामी सत्र 21 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें कारोबार को आसान बनाने वाला ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून, एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने और नशे के खिलाफ सख्त प्रावधानों से जुड़े बिल प्रमुख बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, सरकार लगभग आधा दर्जन विधेयकों पर काम कर रही है। इन्हें अंतिम रूप देने के बाद कैबिनेट की मंजूरी और उपराज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद इन्हें विधानसभा में चर्चा और पारित कराने के लिए पेश किया जाएगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल पर सबसे ज्यादा नजर
इस विधानसभा सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून को लेकर है। सरकार का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में नए कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। प्रस्तावित प्रावधानों के तहत कई अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने, स्व-प्रमाणन को बढ़ावा देने और कई विभागों से लेने वाले एनओसी की संख्या घटाने की योजना है। प्रस्तावित सुधारों में कुछ व्यवसायों के लिए शुरुआती वर्षों में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की बात कही गई है, ताकि निवेशकों और उद्यमियों को कम परेशानी हो। सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निजी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
एमएसएमई और उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी
सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी विधायी कदम उठाने की तैयारी में है। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप और छोटे कारोबारियों को सुविधाएं देने के लिए नए प्रावधान लाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि सरकार का फोकस निवेश बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर है।
नशे के खिलाफ सख्त कानून की तैयारी
विधानसभा सत्र में नशे की समस्या से निपटने के लिए भी एक महत्वपूर्ण विधेयक लाए जाने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में बढ़ते नशे के मामलों को देखते हुए सरकार कानून को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है।
प्रस्तावित कानून के जरिए नशे के कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई और तस्करी रोकने के लिए नए प्रावधान किए जा सकते हैं।
विधानसभा सत्र में राजनीतिक बहस के आसार
21 सितंबर से शुरू होने वाला यह सत्र जम्मू-कश्मीर की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा में सरकार के विधेयकों पर चर्चा के साथ विपक्ष की ओर से भी कई मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय ने सदस्यों से सवाल, निजी विधेयक और प्रस्ताव जमा करने के लिए समयसीमा भी जारी की है।
विकास और प्रशासनिक सुधारों पर सरकार का जोर
जम्मू-कश्मीर सरकार इस सत्र के जरिए विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े प्रस्तावों को उद्योग जगत के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि विधानसभा में इन विधेयकों पर किस तरह की चर्चा होती है और सरकार अपने प्रस्तावों को कितनी आसानी से पारित करा पाती है।
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