जम्मू और कश्मीर

उमर के 'बादल फटने' वाले बयान से NC विधायकों की मीटिंग को लेकर अटकलें तेज़ हो गई

Kavita2
3 Jun 2026 12:56 PM IST
उमर के बादल फटने वाले बयान से NC विधायकों की मीटिंग को लेकर अटकलें तेज़ हो गई
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Jammu जम्मू: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पिछले महीने की एक टिप्पणी एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। बुधवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों की एक बैठक से जुड़े घटनाक्रम के बाद इस बयान को लेकर फिर से अटकलें तेज हो गईं, जिसके चलते मुख्यमंत्री को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।

दरअसल, 6 मई को उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि वह ईद के बाद “बादल फटने की तरह फटना” चाहते हैं और कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखना चाहते हैं। इसी बयान के बाद से राजनीतिक हलकों में उनके किसी बड़े राजनीतिक कदम की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

बुधवार को जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों की एक बैठक आयोजित की गई, तो इसे लेकर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बैठक को कैबिनेट विस्तार, मंत्रिमंडल में फेरबदल और यहां तक कि सरकार के संभावित इस्तीफे जैसे बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़ना शुरू कर दिया।

स्थिति को स्पष्ट करने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने बस में यात्रा कर रहे विधायकों की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि यह बैठक किसी राजनीतिक संकट या बड़े ऐलान से जुड़ी नहीं है, बल्कि एक नियमित समीक्षा बैठक है।

उमर अब्दुल्ला ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हम पिछले 19 महीनों का जायजा लेने के लिए एक ऑफ-साइट मीटिंग पर जा रहे हैं — अच्छे, बुरे और बीच की हर चीज का।” इस बयान के जरिए उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि बैठक का उद्देश्य केवल सरकार के कामकाज की समीक्षा करना है।

मुख्यमंत्री की इस सफाई के बावजूद राजनीतिक चर्चाओं पर पूरी तरह विराम नहीं लगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की ऑफ-साइट बैठकों को लेकर अक्सर गलतफहमियां पैदा होती हैं, खासकर जब सरकार के भीतर किसी बड़े फैसले की संभावना पहले से चर्चा में हो।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हर बयान और हर बैठक को गंभीर राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जाता है। उमर अब्दुल्ला की पुरानी टिप्पणी और मौजूदा बैठक ने मिलकर एक बार फिर सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।

फिलहाल मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि यह बैठक सरकार के पिछले 19 महीनों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए है और किसी भी तरह के राजनीतिक बदलाव या बड़े फैसले की बात सिर्फ अफवाह है।

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