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जम्मू और कश्मीर
महिला सशक्तीकरण, वृद्धों-दिव्यांगों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत: उपराज्यपाल
Sarita
23 May 2022 7:49 AM IST

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फाइल फोटो
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सेवाओं के कुशल वितरण के लिए प्रशासन और स्वैच्छिक नागरिकों के समूह के बीच इंटरफेस को मजबूत करने की जरूरत है।
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सेवाओं के कुशल वितरण के लिए प्रशासन और स्वैच्छिक नागरिकों के समूह के बीच इंटरफेस को मजबूत करने की जरूरत है। पर्यावरण, महिला सशक्तीकरण, आदिवासी कल्याण, वृद्धों और विशेष रूप से दिव्यांगों की देखभाल जैसे सामाजिक क्षेत्र की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
नई दिल्ली में सामाजिक परिवर्तन में योगदान करने वालों को सम्मानित करने के लिए चेतना पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने कहा कि नि:स्वार्थ सेवा हमारे भविष्य की कुंजी है। राष्ट्र निर्माण के लिए यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों विशेष रूप से सबसे गरीब से गरीब लोगों के बीच समान रूप से वितरित किए जाएं। स्वैच्छिक संगठनों और प्रशासनिक तंत्र के साथ मिलकर काम करने वाले व्यक्तियों में लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने, व्यवस्थाओं में अंतर को पाटने व समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने की क्षमता है।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने समाज को अपनी निरंतर निस्वार्थ सेवाएं प्रदान करने के लिए लगभग 32 परिवर्तनकर्ताओं को पुरस्कार प्रदान किए। कहा कि रचनात्मक समाज कार्य के प्रति समर्पित ये सभी स्त्री-पुरुष राष्ट्रीय विकास के असली नायक हैं। वे हमारे सामाजिक क्षेत्र की रीढ़ हैं। वास्तव में दूसरों को विशेष रूप से युवा पीढ़ी को समाज की निस्वार्थ सेवा में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। चेतना हीरोज-स्प्रेडिंग गुडनेस नामक कॉफ ी टेबल बुक का भी विमोचन किया। सांसद केज अल्फ ोंस व श्रीमती लॉकेट चटर्जी, उषा राय, रवि शर्मा, प्रेमा ज्योति, प्रभात कुमार उपस्थित थे।
नाजिया ने किया प्रेरित
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा निवासी नाजिया हुर्रा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वह विशेष रूप से विकलांग बच्चों और गरीबों से संबंधित लोगों की भलाई और समाज के सीमांत वर्ग के लिए काम कर रही हैं। अपने निजी जीवन में कई चुनौतियों के बावजूद नाजिया बांदीपोरा और गांदरबल में कम विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने और दूसरों को सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने में सफ ल रही है।
प्रत्येक जिले में अमृत सरोवर चिह्नित करने का काम युद्धस्तर पर
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने नई दिल्ली में ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से रविवार को मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीण विकास तथा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं, विभिन्न कालेजों के नैक मूल्यांकन तथा पाठ्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री से चर्चा की गई। इस दौरान आग्रह किया गया कि जम्मू-कश्मीर को शोध तथा विशिष्टता के केंद्र स्थापित करने की दिशा में विशेष तवज्जो दी जाए। ग्रामीण विकास मंत्री से अमृत सरोवर योजना तथा मनरेगा के कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।
बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर घोषित अमृत सरोवर योजना के क्रियान्वयन की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रत्येक जिले में योजना के तहत सरोवर चिह्नित करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इसके साथ ही मनरेगा के काम भी ग्रामीण इलाकों में तय लक्ष्य के अनुरूप ही चल रहे हैं।
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