जम्मू और कश्मीर

LG ने जम्मू में नशे के विरोध में एकजुट प्रयासों की आवश्यकता जताई

Ratna Netam
6 May 2026 5:28 PM IST
LG ने जम्मू में नशे के विरोध में एकजुट प्रयासों की आवश्यकता जताई
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Kashmir.कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल (LG) ने नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी दी और इस समस्या के खिलाफ सामूहिक और संगठित प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार और इसके उपयोग से समाज पर गंभीर असर पड़ रहा है, और इसे रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थान और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और
आर्थिक स्तर
पर भी भारी नुकसान पहुँचाती है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विशेष रूप से इस संकट का सबसे अधिक प्रभावित हिस्सा है, इसलिए उन्हें नशे के प्रति जागरूक करना और उनके लिए वैकल्पिक गतिविधियों का प्रावधान करना अत्यंत आवश्यक है।
LG ने अधिकारियों और पुलिस बल को निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं हैं; इसके साथ-साथ शिक्षा, समुदाय आधारित जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण हैं।
राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों को मिलकर नशे की समस्या के प्रभावों को कम करने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और रिहैबिलिटेशन केंद्रों में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाए ताकि नशे की लत से पीड़ित लोगों का बेहतर इलाज और पुनर्वास हो सके।
इस अवसर पर LG ने युवाओं, माता-पिता और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों और किशोरों को नशे के खतरों के प्रति संवेदनशील बनाएं। उन्होंने कहा कि समाज का हर सदस्य इस लड़ाई में सहभागी बनें और नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से जागरूकता फैलाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों के बढ़ते मामलों के पीछे सामाजिक और आर्थिक कारण भी हैं। बेरोजगारी, मानसिक दबाव और शिक्षा की कमी युवा वर्ग को नशे की ओर धकेल सकती है। LG ने कहा कि इन मूल कारणों को समझना और उनका समाधान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि नशे के वितरण और सेवन पर रोक लगाना।
स्थानीय नागरिकों और एनजीओ प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के आह्वान का स्वागत किया। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों और जागरूकता कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सकता है और समाज को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
LG ने अंत में कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है और सभी वर्गों को मिलकर इसे प्राथमिकता बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्वस्थ और सुरक्षित समाज बनाने के लिए यह आवश्यक कदम है।
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