जम्मू और कश्मीर

LG ने जेयू में छात्रों और फैकल्टी से साझा की विचारधारा और अनुभव

Payal
6 May 2026 3:19 PM IST
LG ने जेयू में छात्रों और फैकल्टी से साझा की विचारधारा और अनुभव
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Jammu.जम्मू: जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) में आयोजित डीवाईडी (डिस्टेंस, यंग एंड डिजिटल) प्रोग्राम के दौरान राज्य के उपराज्यपाल (एलजी) ने छात्रों और फैकल्टी से संवाद किया। इस अवसर पर एलजी ने शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य, डिजिटल और दूरस्थ शिक्षा के महत्व, और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
एलजी ने बातचीत के दौरान छात्रों से पूछा कि उन्होंने डीवाईडी प्रोग्राम में भाग क्यों लिया और उन्हें इस माध्यम से क्या सीखने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “डिस्टेंस और डिजिटल शिक्षा आज के समय में युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे आप अपने समय का अधिकतम उपयोग कर सकते हैं और ज्ञान के नए आयाम खोल सकते हैं।”
उन्होंने फैकल्टी से भी चर्चा की और पूछा कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। एलजी ने जोर देकर कहा कि शिक्षा केवल कक्षा में सिमटकर नहीं रह सकती, बल्कि डिजिटल माध्यम छात्रों को अधिक लचीलापन और सीखने के नए अवसर प्रदान करता है।
एलजी ने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे न केवल तकनीकी ज्ञान में निपुण बनें, बल्कि समाज में बदलाव लाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी अग्रसर हों। उन्होंने कहा, “आपके प्रयास और सीखने की इच्छा ही आपके भविष्य की दिशा तय करेगी। डिजिटल और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से आप अपने ज्ञान को और भी व्यापक बना सकते हैं।”
जेयू के वीसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बातचीत में मौजूद रहे। उन्होंने एलजी को प्रोग्राम की संरचना, पाठ्यक्रम की विशेषताएं और छात्रों के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। फैकल्टी ने बताया कि डीवाईडी प्रोग्राम का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन अध्ययन प्रणाली से परिचित कराना है।
छात्रों ने एलजी के साथ संवाद में अपने अनुभव साझा किए और बताया कि प्रोग्राम के माध्यम से उन्होंने सीखने की अपनी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया है। उन्होंने डिजिटल और दूरस्थ शिक्षा की चुनौतीपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की, जैसे समय प्रबंधन, ऑनलाइन असाइनमेंट और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का उपयोग।
एलजी ने इस अवसर पर छात्रों को आश्वस्त किया कि सरकार और विश्वविद्यालय डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और समर्थन प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की भागीदारी और प्रतिक्रिया शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के संवाद छात्रों और शिक्षकों के बीच एक सशक्त कड़ी का काम करते हैं। इससे छात्र अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे प्रशासन के सामने रख सकते हैं, और फैकल्टी को पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धतियों में सुधार का मार्ग मिलता है।
अंत में, एलजी ने सभी उपस्थित छात्रों और फैकल्टी का धन्यवाद किया और कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की मूल कुंजी है। उन्होंने सभी को प्रोत्साहित किया कि वे डिजिटल और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से न केवल अपने ज्ञान का विस्तार करें बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी योगदान दें।
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