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डोडा (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भद्रवाह सबडिवीजन में प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं और संभावित प्राकृतिक खतरों को देखते हुए ट्रेकिंग, हाइकिंग, कैंपिंग और अन्य एडवेंचर गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है।
BNSS की धारा 163 के तहत जारी हुआ आदेश
एक अधिकारी ने बताया कि भद्रवाह के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) सुनील कुमार भित्याल ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश 3 जुलाई को जारी किया गया था और 11 जुलाई से प्रभावी हो गया है।
प्रशासन ने आदेश में सुरक्षा कारणों और संभावित प्राकृतिक आपदाओं का हवाला देते हुए एडवेंचर गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है।
प्राकृतिक खतरों को देखते हुए लिया फैसला
भद्रवाह क्षेत्र पहाड़ी इलाका है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक ट्रेकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग के लिए पहुंचते हैं। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़, खराब मौसम और अन्य प्राकृतिक घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल इन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए निर्देश
आदेश के बाद अब भद्रवाह क्षेत्र में बिना अनुमति ट्रेकिंग, कैंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां आयोजित नहीं की जा सकेंगी।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों और एडवेंचर गतिविधियों से जुड़े संगठनों से आदेश का पालन करने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति और सुरक्षा हालात की समीक्षा के बाद आगे फैसला लिया जाएगा।
भद्रवाह है प्रमुख पर्यटन स्थल
भद्रवाह को जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां के पहाड़, जंगल, घास के मैदान और प्राकृतिक नजारे पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए पहुंचते हैं। खासकर गर्मियों और मानसून के दौरान एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों की संख्या बढ़ जाती है।
हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है, जिससे कई बार पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए जोखिम पैदा हो जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क
प्रशासन ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पिछले कुछ समय में पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक घटनाओं के कारण कई हादसे सामने आए हैं। ऐसे में प्रशासन ने पहले से सतर्कता बरतने का फैसला किया है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
एडवेंचर गतिविधियों पर रोक का एक उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी माना जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही से कई बार कचरा बढ़ने और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव पड़ने की समस्या सामने आती है।
प्रशासन का प्रयास है कि पर्यटन गतिविधियां सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हों।
समीक्षा के बाद हट सकती है पाबंदी
अधिकारियों के अनुसार, यह रोक फिलहाल सुरक्षा कारणों से लगाई गई है। हालात सामान्य होने और सुरक्षा समीक्षा के बाद प्रशासन इस आदेश में बदलाव कर सकता है।
भद्रवाह में पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने के बाद एडवेंचर टूरिज्म फिर से शुरू किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और बिना अनुमति किसी भी प्रतिबंधित गतिविधि में शामिल न हों। यह कदम पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।





