जम्मू और कश्मीर

J&K के कृषि सुधारों पर चर्चा, डार ने न्यूजीलैंड सम्मेलन में भाग लिया

Ratna Netam
25 April 2026 5:18 PM IST
J&K के कृषि सुधारों पर चर्चा, डार ने न्यूजीलैंड सम्मेलन में भाग लिया
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Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री डार ने हाल ही में न्यूजीलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कृषि सुधार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के तरीकों पर विचार-विमर्श करना था। डार ने इस मौके पर जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र में किए जा रहे परिवर्तन और सुधारों पर विशेष प्रकाश डाला।
डार ने अपने संबोधन में बताया कि जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने किसानों के लिए नई सिचाई योजनाओं, उन्नत बीज और जैविक खेती के मॉडल का विवरण साझा किया। डार ने यह भी बताया कि प्रदेश में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
सम्मेलन में डार ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे व्यापार, विपणन और निर्यात से भी जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म और कृषि मार्केटिंग नेटवर्क के जरिए अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इस पहल से न केवल किसानों की आय बढ़ी है, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।
डार के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में कृषि सुधारों के साथ-साथ जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सतत और टिकाऊ कृषि मॉडल ही भविष्य की दिशा तय करेगा। उनका यह दृष्टिकोण सम्मेलन में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय कृषि मंत्रियों और विशेषज्ञों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।
सम्मेलन में डार ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। इस दौरान उन्होंने कृषि में नवाचार, जलवायु अनुकूलन और जैविक खेती के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। न्यूज़ीलैंड के कृषि मंत्रियों ने जम्मू-कश्मीर के मॉडल को सराहा और इसके अनुभवों को अपने देशों में लागू करने पर विचार व्यक्त किया।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि डार की भागीदारी ने जम्मू-कश्मीर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल किसानों के लिए बल्कि प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए भी लाभकारी है।
डार ने अंत में कहा कि जम्मू-कश्मीर कृषि क्षेत्र में सतत सुधार और नवाचार की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने सभी देशों के मंत्रियों से आह्वान किया कि वे अनुभव साझा करें और वैश्विक स्तर पर कृषि के सतत विकास में सहयोग करें।
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