जम्मू और कश्मीर

J&K: सुनील शर्मा ने उमर अब्दुल्ला पर विधायकों की ‘वफादारी परेड’ का आरोप लगाया

Kavita2
3 Jun 2026 11:54 AM IST
J&K: सुनील शर्मा ने उमर अब्दुल्ला पर विधायकों की ‘वफादारी परेड’ का आरोप लगाया
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Jammu जम्मू: नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने बुधवार (3 जून, 2026) को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आज होने वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस की बैठक का इस्तेमाल अपने विधायकों की वफादारी सुनिश्चित करने के लिए कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह बैठक केवल सरकार के कामकाज की समीक्षा का बहाना बनकर मुख्यमंत्री द्वारा अपने लिए फ्लोर टेस्ट करने का माध्यम बन गई है।

सुनील शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “उमर अब्दुल्ला सत्ता खोने के डर से अपने विधायकों को हर हफ्ते होने वाली लायल्टी परेड में हिस्सा लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस परेड का उद्देश्य केवल यह देखना है कि कौन उनके साथ है और कौन नहीं।” उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ हैं और विधायकों की स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि आज की बैठक में मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के विधायकों को एक जगह इकट्ठा करके उनकी निष्ठा और समर्थन का आकलन करेंगे। “सत्ता जाने के डर से आशंकित उमर अब्दुल्ला का शासन अब सिर्फ़ एक लायल्टी परेड बनकर रह गया है। ऐसे कदम से विधानसभा का कामकाज प्रभावित हो रहा है और लोकतंत्र की मूल भावना खतरे में है,” सुनील शर्मा ने बताया।

शर्मा ने कहा कि उन्होंने लगातार देखा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अब अपनी मर्जी से निर्णय लेने में असमर्थ हैं और पार्टी के भीतर केंद्रीय नेतृत्व के दबाव में काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य सिर्फ यह देखना है कि कौन नेता मुख्यमंत्री के प्रति वफादार है और कौन नहीं।

सुनील शर्मा ने कहा कि यह राजनीति की बजाय व्यक्तिगत सुरक्षा और सत्ता बनाए रखने का प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आम जनता इस तरह की गतिविधियों को समझे और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहे। उनका कहना था कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए यह जरूरी है कि वह जनता के हित में काम करे, न कि केवल अपनी सत्ता की सुरक्षा के लिए विधायकों को दबाव में रखे।

वहीं, विधानसभा के सूत्रों के अनुसार, उमर अब्दुल्ला की यह बैठक नियमित समीक्षा बैठक के रूप में भी बुलाई गई है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणियों के बाद राजनीतिक हलकों में इस बैठक को लेकर चर्चा बढ़ गई है। यह आरोप और बैठक राज्य की राजनीतिक परिदृश्य में आगामी हलचल के संकेत माने जा रहे हैं।

राज्य में विपक्षी दल लगातार सरकार के कामकाज और विधायकों की स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहे हैं। सुनील शर्मा की टिप्पणी इस बहस को और तेज कर सकती है और आगामी दिनों में विधानसभा में राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है।

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