जम्मू और कश्मीर

Jammu: हेल्थ कर्मचारियों का विरोध जारी, प्रशासन से समाधान की मांग

Payal
7 May 2026 5:08 PM IST
Jammu: हेल्थ कर्मचारियों का विरोध जारी, प्रशासन से समाधान की मांग
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Jammu.जम्मू: राज्य के हेल्थ कर्मचारियों ने सैलरी कटौती के विरोध में टोकन स्ट्राइक करने की चेतावनी जारी की है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके मूल वेतन और भत्तों में अचानक कटौती ने उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है, और प्रशासन से जल्द समाधान न मिलने पर वे यह कदम उठाने को मजबूर होंगे।
हेल्थ स्टाफ यूनियन के नेताओं ने बताया कि यह निर्णय सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों के व्यापक समर्थन के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि स्ट्राइक पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण और टोकन आधारित होगी, ताकि मरीजों और आम जनता को कम से कम असुविधा हो। यूनियन के अध्यक्ष ने मीडिया से कहा, "हमारा उद्देश्य केवल न्यायपूर्ण वेतन और भत्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने हमारी शिकायतों पर अब तक गंभीरता नहीं दिखाई है। इसलिए हमने टोकन स्ट्राइक की चेतावनी जारी की है।"
कर्मचारियों का आरोप है कि सैलरी कटौती अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिससे उनके परिवार और रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मानसिक दबाव और आर्थिक परेशानी भी बढ़ा रहा है। यूनियन का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई करता है तो स्ट्राइक को टाला जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हेल्थ कर्मचारियों की इस चेतावनी का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्टाफ पहले से ही कम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि संवाद और समाधान की प्रक्रिया तुरंत शुरू करे, ताकि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं में कोई बाधा न आए।
प्रशासन ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वे यूनियन के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और कटौती के कारणों और समाधान के विकल्पों पर चर्चा करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि वे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
हेल्थ कर्मचारियों का यह विरोध एक ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। यूनियन ने यह स्पष्ट किया कि स्ट्राइक का उद्देश्य केवल सैलरी कटौती के विरोध में सरकार का ध्यान आकर्षित करना है, और इसका मरीजों या आपातकालीन सेवाओं पर असर नहीं पड़ेगा।
इस कदम से यह संदेश भी गया है कि कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हेल्थ स्टाफ यूनियन ने प्रशासन से तत्काल संवाद और उचित कार्रवाई की अपील की है।
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