जम्मू और कश्मीर

Jammu: मुख्य सचिव को उपहार स्वरूप पुस्तक भेंट की

Ratna Netam
1 May 2026 4:54 PM IST
Jammu: मुख्य सचिव को उपहार स्वरूप पुस्तक भेंट की
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Jammu.जम्मू: जाने-माने लेखक और समाजसेवी सत्यार्थ पंडिता ने आज राज्य के मुख्य सचिव से भेंट की और उन्हें अपनी नवीनतम पुस्तक भेंट की। यह अवसर साहित्य और प्रशासन के बीच एक सकारात्मक संवाद का प्रतीक बना।
सूत्रों के अनुसार, इस भेंट मुलाकात में सत्यार्थ पंडिता ने अपनी पुस्तक के विषय और संदेश के बारे में मुख्य सचिव को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुस्तक में समाज, शिक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सुधार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
मुख्य सचिव ने पुस्तक को स्वीकार करते हुए लेखक के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे साहित्यिक कार्य समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “सत्यार्थ पंडिता की यह पुस्तक न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज के विकास और प्रशासनिक सुधार के लिए भी प्रेरणादायक है।”
पंडिता ने मुख्य सचिव को बताया कि उनकी पुस्तक का उद्देश्य आम जनता और सरकारी अधिकारियों दोनों को सोचने और बेहतर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक मजबूत माध्यम भी है।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर लेखक से कहा कि प्रशासन और साहित्य के बीच संवाद हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा, “इस तरह के प्रयासों से हमें नई सोच और दृष्टिकोण मिलते हैं, जिससे नीति निर्माण और जनहित की योजनाओं में सुधार संभव होता है।”
सत्यार्थ पंडिता ने कहा कि उनका लक्ष्य समाज में जागरूकता फैलाना और लोगों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक प्रयास जारी रखेंगे।
भेंट मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव ने प्रशासनिक दृष्टि से भी लेखक की पुस्तक के संदेश पर ध्यान दिया और सुझाव दिया कि समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए ऐसे विचारों का उपयोग किया जा सकता है।
साहित्यिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकारियों को समाज सुधारक और लेखक जैसे विचारकों से संवाद करना आवश्यक है, क्योंकि इससे प्रशासनिक नीतियों में नवीन दृष्टिकोण और संवेदनशीलता आती है।
स्थानीय मीडिया और साहित्यिक जगत के लोग भी इस अवसर पर मौजूद रहे और उन्होंने लेखक और मुख्य सचिव के बीच हुई चर्चा की सराहना की। उनका कहना था कि इस तरह की भेंट मुलाकात प्रशासन और साहित्य के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक अच्छा उदाहरण है।
इस अवसर ने यह संदेश दिया कि साहित्य केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि यह समाज और प्रशासन को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी हो सकता है।
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