जम्मू और कश्मीर

Jammu: केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संसदीय प्रतिनिधित्व में बदलाव की तैयारी

Ratna Netam
17 April 2026 3:59 PM IST
Jammu: केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संसदीय प्रतिनिधित्व में बदलाव की तैयारी
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Jammu.जम्मू: केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए लोकसभा सीटों में संभावित 16 सीटों की बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर जम्मू-कश्मीर और दिल्ली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह बदलाव आगामी परिसीमन प्रक्रिया (Delimitation) और जनसंख्या आधारित प्रतिनिधित्व के पुनर्संतुलन से जुड़ा हुआ है। इसका उद्देश्य संसद में क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुपात में बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से राजनीतिक पुनर्गठन और राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद प्रतिनिधित्व को लेकर बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यदि सीटों में बढ़ोतरी होती है, तो इससे क्षेत्र की राजनीतिक भागीदारी और मजबूत हो सकती है।
इसी तरह, दिल्ली में भी बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए अधिक संसदीय प्रतिनिधित्व की मांग लंबे समय से उठती रही है। प्रस्तावित बदलाव से दिल्ली की राजनीतिक भूमिका और प्रभाव बढ़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, इस संभावित बदलाव का उद्देश्य केवल सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि संसदीय प्रणाली को अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्व आधारित बनाना है, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की आवाज संसद में बेहतर तरीके से पहुंच सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे केंद्र शासित प्रदेशों की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नए निर्वाचन क्षेत्रों के गठन से चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।
हालांकि, इस मुद्दे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और यह प्रक्रिया परिसीमन आयोग की सिफारिशों और केंद्रीय सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
विपक्षी दलों और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने भी इस प्रस्ताव पर नजर रखी हुई है और कहा है कि किसी भी बदलाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 16 लोकसभा सीटों में संभावित बढ़ोतरी एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव साबित हो सकती है, जिससे जम्मू-कश्मीर और दिल्ली जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है।
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