जम्मू और कश्मीर

Jammu-Kashmir :मॉक ड्रिल का आयोजन, लोगों को दिशा-निर्देश जारी

Sarita
7 May 2025 7:49 AM IST
Jammu-Kashmir :मॉक ड्रिल का आयोजन, लोगों को दिशा-निर्देश जारी
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Jammu-Kashmir : अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी 7 मई 2025 को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास का मकसद लोगों को आपातकाल की स्थिति में सही तरीके से व्यवहार करना सिखाना है। प्रशासन ने नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिन्हें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करके आप अपनी और अपने समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
1. एयर रेड चेतावनी सायरन
तैयारी के कदम:
सायरन की आवाज़ों को पहचानना सीखें (जैसे – लंबी आवाज़ खतरे की सूचना देती है, छोटी आवाज़ सुरक्षित होने का संकेत देती है)।
अपने नजदीकी शेल्टर (बेसमेंट, अंडरग्राउंड पार्किंग, या सुरक्षित जोन) की जानकारी रखें।
एक बेसिक इमरजेंसी किट तैयार रखें (टॉर्च और एक्स्ट्रा बैटरियां, पानी की बोतलें, नॉन-पेरिशेबल खाना, फर्स्ट एड किट)।
ड्रिल के दौरान क्या करें :
बाहर की गतिविधियाँ तुरंत बंद करें और नजदीकी शेल्टर में जाएँ।
फोन का उपयोग केवल जरूरत होने पर करें, ताकि जरूरी कॉल लाइनें खाली रहें।
अधिकारियों या वार्डन के निर्देशों का पालन करें।
ड्रिल के दौरान क्या करें :
पूरे मन से भाग लें और ट्रेनर्स के निर्देशों को ध्यान से सुनें।
बच्चों और बुजुर्गों को भी सभी गतिविधियों में शामिल करें।
सभी लाइटें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ (टीवी, फोन, टैबलेट) बंद या ढक दें।
टॉर्च या मोमबत्तियाँ तैयार रखें, लेकिन उन्हें खिड़की के पास न रखें।
कोई भी ऐसा प्रकाश न जलाएँ जो बाहर से दिख सके।
बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें।
यह देखें कि अधिकारी जरूरी जगहों को कैसे छुपाते हैं, इससे सीखें।
अधिकारियों को अपना काम करने में सहयोग दें।
बताए गए रास्तों से शांतिपूर्वक निकासी करें।
बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद करें।
शांत और सहयोगी रहें। बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों के लिए भी योजना बनाएं।
ड्रिल को गंभीरता से लें – यह असली आपातकाल के लिए तैयारी है।
परिवार और दोस्तों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
ड्रिल के दौरान क्या न करें :
सायरन को नजरअंदाज न करें या उसे हल्के में न लें।
घबराएं नहीं और अफरा-तफरी न मचाएं।
बच्चों को यह मत कहें कि यह बेकार है।
सोचें कि आपकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सिर्फ दूसरों की नहीं है।
अधिकारियों के कार्य में बाधा न डालें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं।
फोटो न लें और ड्रिल के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें।
रास्ते में रुककर गैरजरूरी सामान इकट्ठा न करें।
निजी वाहन का उपयोग न करें (जब तक निर्देश न मिले), इससे जाम लग सकता है।
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