जम्मू और कश्मीर

Jammu-Kashmir: बादल फटने से भारी तबाही, सैकड़ों लोग लापता

Sarita
15 Aug 2025 6:53 AM IST
Jammu-Kashmir:  बादल फटने से भारी तबाही, सैकड़ों लोग लापता
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Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को भयानक प्राकृतिक आपदा ने कहर बरपाया है। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे किश्तवाड़ से 90 किलोमीटर दूर चिशोती गांव में बादल फटने से पानी का सैलाब आ गया। पानी के साथ पहाड़ों से कीचड़, पत्थर और बड़ी-बड़ी चट्टानें बहकर आईं, जिसने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह कर दिया। इस हादसे में सीआरपीएफ के 2 जवानों समेत 46 लोगों की मौत हो गई है, 120 से ज्यादा लोग घायल हैं और करीब 250 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अब तक 167 लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन खराब मौसम की वजह से बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चिशोती गांव में उस वक्त भारी भीड़ थी, क्योंकि मचैल माता यात्रा के लिए हजारों श्रद्धालु वहां जमा हुए थे। चिशोती से करीब 8.5 किलोमीटर दूर 9,000 फीट की ऊंचाई पर मचैल माता मंदिर है। हर साल देश भर से लोग इस यात्रा में आते हैं। चिशोती गाँव तक सड़क है, और उसके बाद मंदिर तक पैदल जाना पड़ता है। हादसे के समय श्रद्धालुओं के लिए लंगर और तंबू लगाए गए थे, लेकिन बादल फटने से सब कुछ बह गया। दुकानें, घर, सड़कें और यहाँ तक कि पुल भी पानी के तेज़ बहाव में नष्ट हो गए। प्रशासन के अनुसार, आधिकारिक तौर पर 220 लोग लापता हैं, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि मचैल माता यात्रा के कारण हज़ारों लोग वहाँ मौजूद थे।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और पड्डार से विधायक सुनील शर्मा ने कहा, 'मचैल माता यात्रा के कारण पूरे इलाके में भारी भीड़ है। कई तंबू लगाए गए हैं। कुछ दुकानें बह गई हैं। इसलिए वहाँ भारी नुकसान होने की आशंका है।' केंद्रीय मंत्री और उधमपुर से सांसद जितेंद्र सिंह ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने मुझे फ़ोन करके इस घटना की जानकारी दी। मैंने ज़िला प्रशासन से संपर्क किया और स्थिति की जानकारी ली।' इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार राज्य सरकार की हरसंभव मदद कर रही है।'
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