जम्मू और कश्मीर

JAMMU: जसरोटिया ने मानसून की तैयारी के लिए चेताया

Payal
9 April 2026 4:36 PM IST
JAMMU: जसरोटिया ने मानसून की तैयारी के लिए चेताया
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JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जसरोटिया ने शुक्रवार को सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मानसून के मौसम में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि समय पर योजना और सतर्कता के अभाव में जान-माल के भारी नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।
जसरोटिया ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय निकायों को पूरी तरह से सक्रिय होना होगा। उन्होंने सभी जिलों में जल-निकासी, नदी और नालों की सफाई, और आपातकालीन बचाव दलों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा है। इसके लिए हमें पहले से तैयारी करनी होगी, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।” जसरोटिया ने विभागों से आग्रह किया कि वे संसाधनों की उपलब्धता, बचाव उपकरणों और राहत सामग्री की स्थिति की नियमित समीक्षा करें।
विशेष रूप से, उन्होंने कहा कि ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, जहां मानसून के दौरान भूस्खलन और जलभराव का अधिक खतरा रहता है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय पर चेतावनी दी जाए और आपातकालीन निकासी योजनाओं को तैयार रखा जाए।
जसरोटिया ने यह भी कहा कि नागरिकों को जागरूक करना और उन्हें आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
बैठक में आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने मानसून से पहले की तैयारियों की समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था, बचाव दलों की तत्परता, और आपातकालीन केंद्रों की स्थिति की जानकारी दी। जसरोटिया ने निर्देश दिए कि सभी योजना और संसाधनों की समीक्षा समय-समय पर की जाए और आवश्यकता अनुसार सुधार किया जाए।
जसरोटिया ने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सही समय पर चेतावनी और त्वरित प्रतिक्रिया से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इस प्रकार, जसरोटिया का संदेश स्पष्ट है: मानसून के मौसम में सुरक्षा और सतर्कता को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन और नागरिकों को मिलकर संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
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