जम्मू और कश्मीर

Dr. Tahir ने कहा, मध्यपूर्व संघर्ष में भारत की कूटनीति प्रभावशाली

Ratna Netam
9 April 2026 4:28 PM IST
Dr. Tahir ने कहा, मध्यपूर्व संघर्ष में भारत की कूटनीति प्रभावशाली
x
JAMMU.जम्मू: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच हाल ही में स्थापित सीजफायर ने भारत की विदेश नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई अहमियत दी है। यह विचार प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ डॉ. ताहिर ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत की संतुलित और विवेकपूर्ण कूटनीति ने मध्यपूर्व क्षेत्र में शांति प्रक्रिया में सकारात्मक भूमिका निभाई है।
डॉ. ताहिर ने पत्रकारों को बताया कि हाल की घटनाओं में भारत ने दोनों पक्षों के साथ संवाद बनाए रखा और तनावपूर्ण परिस्थितियों में अपने हितों और वैश्विक शांति के बीच संतुलन स्थापित किया। उन्होंने कहा, “भारत ने हमेशा मध्यपूर्व में संघर्ष को कूटनीतिक मार्ग से हल करने का समर्थन किया है। इस बार भी, अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर में भारत की विदेश नीति का असर और महत्व साफ तौर पर नजर आया।”
विशेष रूप से, डॉ. ताहिर ने बताया कि भारत की भूमिका केवल मध्यस्थ के रूप में नहीं थी, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने वाली नीति के रूप में सामने आई। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति का उद्देश्य न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सहयोग को बढ़ावा देना भी है।
उन्होंने कहा कि इस सीजफायर के दौरान भारत ने विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच विश्वास और संवाद बढ़ाने में मदद मिली। डॉ. ताहिर ने यह भी कहा कि भारत की इस भूमिका से अन्य वैश्विक शक्तियों में भी भरोसा पैदा हुआ है और भारतीय कूटनीति की विश्वसनीयता बढ़ी है।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि भारत ने सीजफायर लागू होने के बाद क्षेत्रीय संघर्षों को सीमित करने, मानवीय सहायता पहुँचाने और शांति वार्ता को प्रोत्साहित करने में भी सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने कहा, “भारत का दृष्टिकोण हमेशा विवादों को सैन्य समाधान के बजाय कूटनीतिक और संवाद आधारित समाधान की ओर मोड़ने का रहा है। यही कारण है कि अब भारत की विदेश नीति को अधिक महत्व दिया जा रहा है।”
डॉ. ताहिर ने यह भी माना कि भारत की विदेश नीति की यह नई पहचान देश के वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय नीति विशेषज्ञों ने भी डॉ. ताहिर के विचारों का समर्थन किया और कहा कि भारत की यह सक्रिय और संतुलित कूटनीति वैश्विक मंच पर उसकी छवि को मजबूती प्रदान करती है।
अंततः, डॉ. ताहिर ने जोर देकर कहा कि अमेरिका-ईरान-इजरायल सीजफायर के बीच भारत की नीति ने यह साबित कर दिया है कि विवेकपूर्ण और संतुलित कूटनीति से देश अंतरराष्ट्रीय विवादों में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
Next Story