जम्मू और कश्मीर

Jammu हाईकोर्ट ने सजा रद्द कर आरोपी को किया बरी

Ratna Netam
25 April 2026 5:09 PM IST
Jammu हाईकोर्ट ने सजा रद्द कर आरोपी को किया बरी
x
Jammu.जम्मू: जम्मू हाईकोर्ट ने हाल ही में एक बलात्कार मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में सबूतों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद दोषसिद्धि देना न्यायसंगत नहीं था। अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया और यह स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को केवल पर्याप्त और ठोस सबूत के आधार पर ही दोषी ठहराया जाना चाहिए।
जज ने आदेश में कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि निर्दोषों को भी गलत आरोपों से बचाना है। उन्होंने आगे कहा कि जांच और सबूतों की प्रक्रिया में किसी भी तरह की कमी या अनियमितता मामले की निष्पक्षता पर असर डाल सकती है। अदालत ने पाया कि इस मामले में साक्ष्यों की पुष्टि और विश्वसनीयता के मुद्दे थे, जिनके कारण दोषसिद्धि को रद्द करना उचित था।
इस निर्णय के बाद आरोपी और उसके परिवार ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह निर्णय न्याय और निष्पक्षता का प्रतीक है। वहीं, पीड़िता और उनके परिवार को भी अदालत ने समझाया कि न्याय की प्रक्रिया में हर व्यक्ति को उचित अवसर और कानूनी अधिकार मिलना अनिवार्य है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला न्यायिक प्रणाली की मजबूती और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की प्रथा को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे फैसले समाज में न्यायपालिका के प्रति विश्वास बनाए रखने में मदद करते हैं।
इस मामले की सुनवाई कई सप्ताह तक चली, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने निष्पक्ष सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया कि दोषसिद्धि रद्द की जाए और आरोपी को बरी किया जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में इस तरह के मामलों में जांच और सबूतों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उनका कहना था कि न्यायपालिका का यह रुख यह सुनिश्चित करता है कि केवल ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही अपराधियों को दोषी ठहराया जाए और निर्दोष लोगों को किसी भी तरह की अनुचित सजा से बचाया जाए।
Next Story