जम्मू और कश्मीर

Jammu: भविष्य में समानता और सुरक्षित परिसर सुनिश्चित करने का संदेश

Ratna Netam
21 April 2026 6:25 PM IST
Jammu: भविष्य में समानता और सुरक्षित परिसर सुनिश्चित करने का संदेश
x
Jammu.जम्मू: श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (SMVDU) ने हाल ही में अपने परिसर में जेंडर सेंसिटाइजेशन और जागरूकता प्रोग्राम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों के बीच लिंग समानता, समान अवसर और सुरक्षित कार्य एवं अध्ययन वातावरण के महत्व को समझाना था।
प्रोग्राम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि जेंडर सेंसिटाइजेशन केवल नियम और नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और संस्थानों में सोच और व्यवहार में बदलाव लाने का माध्यम है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं और मानवाधिकारों के जानकारों ने लिंग समानता, यौन उत्पीड़न की रोकथाम और स्वस्थ संवाद कौशल पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने व्यावहारिक दृष्टिकोण, केस स्टडी और रोल-प्ले के माध्यम से छात्रों और स्टाफ को सिखाया कि कैसे रोजमर्रा की स्थितियों में समानता और सम्मान बनाए रखा जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और अपने विचार साझा किए। एक छात्रा ने कहा, "ऐसे कार्यक्रम हमारे सोचने के तरीके को बदलते हैं और यह हमें एक समान और सुरक्षित वातावरण में काम करने और पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करता है।"
सत्र में यह भी बताया गया कि जेंडर सेंसिटाइजेशन सिर्फ महिला कर्मचारियों या छात्राओं के लिए नहीं है, बल्कि पुरुष और अन्य सभी वर्गों को भी इसका हिस्सा बनना चाहिए ताकि सामाजिक चेतना और सम्मानपूर्ण व्यवहार सभी स्तरों पर विकसित हो।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों और स्टाफ के लिए नियमित सत्रों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में समानता, सुरक्षा और सम्मान पर आधारित और भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने सर्टिफिकेट और सहभागिता पत्र प्राप्त किए। आयोजकों ने जोर दिया कि जेंडर सेंसिटाइजेशन केवल सत्र या अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन और संस्था की गतिविधियों में लागू करना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, SMVDU का यह अवेयरनेस प्रोग्राम जेंडर समानता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। यह न केवल छात्रों और स्टाफ में सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करता है, बल्कि विश्वविद्यालय को एक सुरक्षित और सम्मानपूर्ण परिसर बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।
Next Story