जम्मू और कश्मीर

फारूक अब्दुल्ला का दावा: जम्मू-कश्मीर राज्य दर्जे पर PM का भरोसा

Kavita2
10 Jun 2026 3:23 PM IST
फारूक अब्दुल्ला का दावा: जम्मू-कश्मीर राज्य दर्जे पर PM का भरोसा
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Jammu जम्मू: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (Jammu and Kashmir National Conference) के अध्यक्ष Farooq Abdullah ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah से यह कहा है कि वह केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का अपना वादा पूरा करेंगे।

फारूक अब्दुल्ला ने यह बयान अनंतनाग जिले में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने हाल ही में उमर से कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने का अपना वादा पूरा करेंगे।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस केवल प्रशासनिक नियमों (बिज़नेस रूल्स) की मंजूरी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका मुख्य लक्ष्य राज्य का दर्जा वापस हासिल करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की अपेक्षाएं केवल प्रशासनिक ढांचे में बदलाव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संवैधानिक और राजनीतिक स्तर पर पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं। इस मुद्दे को उन्होंने क्षेत्र की जनता की भावनाओं से जुड़ा हुआ बताया।

इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर में राज्य दर्जे को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी होती रही है, खासकर 2019 में विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद से यह मुद्दा लगातार केंद्र और स्थानीय दलों के बीच चर्चा में रहा है। ऐसे में फारूक अब्दुल्ला का यह बयान एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर रहा है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि व्यापक राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए।

हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री की ओर से कथित तौर पर दिया गया यह आश्वासन किस संदर्भ में और किस स्तर पर दिया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर केंद्र और स्थानीय दलों के बीच बातचीत और सहमति की आवश्यकता है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

इस बीच, फारूक अब्दुल्ला के बयान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति और भविष्य को लेकर बहस को नई दिशा दे दी है।

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