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जम्मू-कश्मीर राज्य दर्जे की मांग तेज, NC जुटी समर्थन में

Jammu जम्मू: जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के करीब सात साल बाद अब राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश में जुट गई है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्य का दर्जा वापस पाने की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों से संपर्क शुरू किया है। पार्टी की कोशिश है कि इस मुद्दे को केवल एक राजनीतिक दल की मांग न बनाकर जम्मू-कश्मीर के व्यापक हित से जुड़े अभियान के रूप में पेश किया जाए।
20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन से पहले पार्टी विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन जुटाने में लगी हुई है।
पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. ब्लॉक के सहयोगी दलों, जम्मू-कश्मीर की स्थानीय पार्टियों और अन्य राजनीतिक समूहों से संपर्क साधा है।
सभी दलों को साथ लाने की कोशिश
NC की रणनीति है कि राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर अधिक से अधिक दलों को एक मंच पर लाया जाए। पार्टी का मानना है कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग है।
इसके लिए पार्टी नेतृत्व ने अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत शुरू की है और उनसे दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की जा रही है।
मीरवाइज उमर फारूक से भी संपर्क
जानकारी के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक से भी संपर्क किया है। पार्टी का उद्देश्य राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर अधिकतम समर्थन जुटाना है।
हालांकि, इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों का रुख अलग-अलग रहा है और आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कौन-कौन से दल इस अभियान में शामिल होते हैं।
2019 में बदला था जम्मू-कश्मीर का दर्जा
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाने के साथ राज्य का पुनर्गठन किया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया, जबकि लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
इसके बाद से ही जम्मू-कश्मीर में कई राजनीतिक दल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाते रहे हैं।
NC का मुख्य राजनीतिक मुद्दा बना राज्य का दर्जा
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्य का दर्जा बहाल करने को अपने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल किया है। पार्टी का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा जरूरी है।
पार्टी नेताओं का तर्क है कि राज्य का दर्जा मिलने से स्थानीय प्रशासन को अधिक अधिकार मिलेंगे और लोगों की भागीदारी बढ़ेगी।
दिल्ली प्रदर्शन पर नजर
20 जुलाई को होने वाले प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अगर इसमें अलग-अलग दलों की भागीदारी होती है तो यह जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना सकता है।
फिलहाल नेशनल कॉन्फ्रेंस सभी पक्षों को साथ लाने की कोशिश में जुटी है। अब नजर इस बात पर है कि कौन-कौन से दल इस पहल का समर्थन करते हैं और दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में कितनी राजनीतिक ताकत दिखाई देती है।





