- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- कैबिनेट विस्तार में...
जम्मू और कश्मीर
कैबिनेट विस्तार में देरी से संगठन में असहमति बढ़ी: Poornima
Ratna Netam
7 May 2026 5:10 PM IST

x
Jammu.जम्मू: पार्टी की वरिष्ठ नेता पूर्णिमा ने आज कहा कि राज्य सरकार में कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी ने पार्टी के भीतर मतभेद उजागर कर दिए हैं। उनका यह बयान उस समय आया जब राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार के मुद्दे को लेकर चर्चा जोरों पर है। पूर्णिमा ने मीडिया से बातचीत में कहा, "जब तक कैबिनेट का विस्तार नहीं होता, तब तक राजनीतिक असहमति और संगठनात्मक मतभेद छिपे नहीं रह सकते। यह न केवल पार्टी की कार्यकुशलता को प्रभावित करता है, बल्कि जनता के बीच सरकार की छवि पर भी असर डालता है।" उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मांगों और नियुक्तियों पर असहमति स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार में देरी के पीछे अंदरूनी राजनीतिक समीकरण और जिम्मेदारियों का बंटवारा प्रमुख कारण हैं। कई वरिष्ठ नेता अपनी हिस्सेदारी और जिम्मेदारियों के लिए जोर दे रहे हैं, जिससे निर्णय लेने में समय लग रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस देरी से सरकार की सार्वजनिक नीतियों और योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है। सरकार में निर्णय लेने की गति धीमी होने से विकास कार्य और प्रशासनिक पहलों में बाधा आ सकती है। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व को अब जल्द ही संतुलित और निष्पक्ष विस्तार करना होगा ताकि भीतरू मतभेद खत्म हों और कार्यकुशलता बनी रहे।
पूर्णिमा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ असहमति उजागर करना नहीं है, बल्कि समाधान की दिशा में कदम उठाना है। उन्होंने कहा, "हम सभी चाहते हैं कि सरकार का संचालन प्रभावी हो और जनता के मुद्दों का समय पर समाधान हो। इसके लिए जरूरी है कि कैबिनेट विस्तार जल्द और संतुलित रूप से हो।"
वहीं, पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि विवादों और मतभेदों के बावजूद, नेतृत्व जल्द ही निर्णय लेकर विस्तार को अंतिम रूप देगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह प्रक्रिया सकारात्मक और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह मामला यह भी दिखाता है कि पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और हिस्सेदारी का मुद्दा कितना संवेदनशील है। अगर समय पर विस्तार नहीं हुआ, तो भीतरू संघर्ष और असंतोष की स्थिति लंबी खिंच सकती है।
पूर्णिमा के बयान के बाद यह साफ है कि कैबिनेट विस्तार केवल प्रशासनिक जरूरत नहीं, बल्कि पार्टी संगठन की स्थिरता और जनता के प्रति जवाबदेही का भी संकेत है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को जल्द निर्णय लेकर मतभेदों को कम करना चाहिए और सरकार के संचालन में मजबूती लानी चाहिए।
Tagsकैबिनेट विस्तार में देरीसंगठन में असहमति बढ़ीPoornimaDelay in cabinet expansiondisagreement grows inthe organizationजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





