जम्मू और कश्मीर

मैसूर में बायोनेस्ट इनक्यूबेटर, Dr. Jitendra ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को दी ताकत

Ratna Netam
5 April 2026 5:51 PM IST
मैसूर में बायोनेस्ट इनक्यूबेटर, Dr. Jitendra ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को दी ताकत
x
Jammu.जम्मू: जम्मू के डॉ. जितेंद्र ने मैसूर में बायोनेस्ट इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फूड स्टार्टअप्स और बायोटेक उद्योग को बढ़ावा देना है। उद्घाटन कार्यक्रम में कई स्टार्टअप संस्थापक और उद्योग विशेषज्ञ मौजूद रहे। डॉ. जितेंद्र ने कहा कि यह इनक्यूबेटर नए और युवा उद्यमियों को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने का अवसर देगा। उन्होंने बताया कि बायोनेस्ट इनक्यूबेटर फूड स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता, मेंटरशिप, और संसाधनों के साथ-साथ बाजार तक पहुँच बनाने में मदद करेगा। उनका कहना था कि यह कदम स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक होगा।
इस अवसर पर उद्योग विशेषज्ञों ने भी कहा कि बायोटेक और फूड स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेटर का होना बेहद आवश्यक है। इससे न केवल नए उत्पाद और सेवाएं विकसित होंगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इनक्यूबेटर स्टार्टअप्स को लैब सुविधाएं, मार्केटिंग सपोर्ट और बिजनेस मेंटरशिप उपलब्ध कराएगा।
डॉ. जितेंद्र ने यह भी बताया कि बायोनेस्ट इनक्यूबेटर का फोकस खास तौर पर फूड स्टार्टअप्स पर रहेगा, ताकि स्थानीय उत्पादकों और नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से जम्मू और कर्नाटक दोनों राज्यों में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती मिलेगी।
स्थानीय स्टार्टअप संस्थापकों ने इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना था कि तकनीकी सहायता और बाजार मार्गदर्शन मिलने से उनके व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इनक्यूबेटर के माध्यम से नए फूड प्रोडक्ट्स और सेवाओं का विकास होगा, जो उद्योग और समाज दोनों के लिए लाभकारी होगा।
इस मौके पर डॉ. जितेंद्र ने उपस्थित अधिकारियों और उद्योग विशेषज्ञों को आश्वस्त किया कि बायोनेस्ट इनक्यूबेटर समय के साथ और भी स्टार्टअप्स को शामिल करेगा और उनकी सफलता के लिए हर संभव समर्थन देगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक इनक्यूबेटर नहीं बल्कि युवा उद्यमियों के लिए सीखने और विकसित होने का मंच है।
कुल मिलाकर, मैसूर में बायोनेस्ट इनक्यूबेटर का उद्घाटन फूड स्टार्टअप्स और बायोटेक उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. जितेंद्र की पहल से नवाचार, तकनीकी विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह कदम युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।
Next Story