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Jammu -कश्मीर में ड्रग विरोधी अभियान तेज, संपत्तियों पर कार्रवाई से विवाद

Jammu जम्मू: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में प्रशासन द्वारा ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे तेज अभियान ने घाटी में नई बहस को जन्म दे दिया है। इस अभियान के तहत कथित तौर पर ड्रग पेडलर्स से जुड़े घरों और व्यावसायिक ढांचों को गिराने की कार्रवाई की जा रही है, जिस पर राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने सवाल उठाए हैं।
यह अभियान लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) के नेतृत्व में नारकोटिक्स के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त कदमों का हिस्सा बताया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ते ड्रग खतरे के खिलाफ एक कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में उन संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है जो कथित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई हैं या सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित हैं। प्रशासन का दावा है कि यह कदम अवैध नेटवर्क की आर्थिक जड़ों को कमजोर करने के लिए आवश्यक है।
हाल के हफ्तों में पुलिस और सिविल प्रशासन ने श्रीनगर (Srinagar), अनंतनाग (Anantnag) और अन्य जिलों में कई संरचनाओं को ध्वस्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन इमारतों का संबंध कथित रूप से कुख्यात ड्रग तस्करों से था। यह कार्रवाई लगातार जारी है और कई स्थानों पर जांच भी की जा रही है।
हालांकि इस अभियान के तरीके को लेकर घाटी में विवाद भी खड़ा हो गया है। कई राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई से निर्दोष लोगों को भी नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि कार्रवाई पारदर्शी तरीके से और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की जाए।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यह अभियान केवल ड्रग तस्करी से जुड़े नेटवर्क को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है और किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। अधिकारियों का दावा है कि सभी मामलों में पर्याप्त जांच और दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर इस अभियान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे नशे के खिलाफ जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सख्त और विवादित तरीका मान रहे हैं। सोशल और राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए यह कदम जरूरी है।





