- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- जम्मू स्वास्थ्य...
जम्मू और कश्मीर
जम्मू स्वास्थ्य कर्मचारियों का गुस्सा: 15 अगस्त के बाद हड़ताल की चेतावनी, भेदभाव का आरोप
nidhi
7 Aug 2026 8:55 AM IST

x
जम्मू में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने छुट्टियों में ड्यूटी के बावजूद कथित भेदभाव का आरोप लगाया है।
जम्मू : जम्मू में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान भी ड्यूटी करने के बावजूद कथित भेदभाव और सुविधाओं की कमी को लेकर कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो 15 अगस्त के बाद हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है।
कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं आवश्यक सेवा होने के कारण उन्हें छुट्टियों में भी लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है, लेकिन इसके बदले मिलने वाली सुविधाओं और सेवा शर्तों में अपेक्षित समानता नहीं है।
छुट्टियों में भी निभा रहे ड्यूटी
स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनुसार, अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं लगातार जारी रहती हैं। राष्ट्रीय अवकाश और त्योहारों के दौरान भी कई कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात रहना पड़ता है।
कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया जा रहा है।
भेदभाव का आरोप
कर्मचारियों ने सेवा शर्तों और सुविधाओं को लेकर कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि समान जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद कुछ वर्गों के कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
उनकी प्रमुख मांगों में सेवा संबंधी विसंगतियों को दूर करना, उचित लाभ देना और कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना शामिल है।
15 अगस्त के बाद हड़ताल की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो 15 अगस्त के बाद आंदोलन को हड़ताल में बदला जा सकता है।
हालांकि, हड़ताल की स्थिति में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को परेशानी होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन के सामने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की चुनौती होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
यदि कर्मचारी वास्तव में हड़ताल पर जाते हैं, तो इसका असर ओपीडी, जांच, प्रशासनिक कार्य और अन्य गैर-आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में मरीजों की परेशानी को देखते हुए सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जल्द बातचीत जरूरी मानी जा रही है।
प्रशासन के रुख पर नजर
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है। यदि बातचीत के जरिए विवाद का समाधान नहीं निकला तो 15 अगस्त के बाद आंदोलन का स्वरूप और बड़ा हो सकता है।
Next Story





