हिमाचल प्रदेश

Kullu में एडवेंचर स्पोर्ट्स पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू

Ratna Netam
7 April 2026 3:03 PM IST
Kullu में एडवेंचर स्पोर्ट्स पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: कुल्लू प्रशासन ने एडवेंचर स्पोर्ट्स ऑपरेटरों और पायलटों के लिए नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू करने की घोषणा की है। यह कदम पर्यटक सुरक्षा और खेल गतिविधियों में उच्च मानक बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जिलाधिकारी कुल्लू ने बताया कि यह नीति विशेष रूप से पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, हेली-ट्रिप और अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े ऑपरेटरों और पायलटों पर लागू होगी। नीति के तहत किसी भी ऑपरेटर या पायलट के शराब या मादक पदार्थों के प्रभाव में पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता पर्यटक और स्थानीय लोगों की सुरक्षा है। एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान नशे का प्रभाव जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए, हम किसी भी समझौते या ढील के बिना जीरो टॉलरेंस का पालन करेंगे।”
स्थानीय एडवेंचर ऑपरेटरों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह व्यवसाय और पर्यटन दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे उद्योग की विश्वसनीयता बढ़ेगी और पर्यटक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
पायलटों और ऑपरेटरों के लिए यह नीति नियमित जांच और निगरानी के साथ लागू होगी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन टीम नशा परीक्षण, सर्टिफिकेट और सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से इस नीति की निगरानी करेंगे। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द या जुर्माना लगाया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्यटन केंद्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए कड़े सुरक्षा नियम आवश्यक हैं। नशे के प्रभाव में कार्य करना न केवल खेल प्रतिभागियों के लिए खतरनाक है, बल्कि पूरे उद्योग की छवि पर भी असर डालता है।
जिलाधिकारी ने स्थानीय ऑपरेटरों और पायलटों से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और पर्यटकों को सुरक्षित अनुभव दें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन किसी भी संभावित दुर्घटना या असुरक्षा की स्थिति को गंभीरता से लेगा और तुरंत कार्रवाई करेगा।
संक्षेप में, कुल्लू प्रशासन द्वारा लागू एडवेंचर स्पोर्ट्स ऑपरेटरों और पायलटों के लिए नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी से पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा और विश्वास को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम न केवल पर्यटक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश को विश्वसनीय और सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
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