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NIT हमीरपुर के हॉस्टल में घुसा युवक, छात्रों के कमरों से चोरी के आरोप में पकड़ा गया

हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी NIT हमीरपुर के दो छात्रावासों में एक अज्ञात युवक के घुसने और छात्रों के कमरों से नकदी चोरी करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक को छात्रावास कर्मचारियों की सतर्कता के बाद पकड़ लिया गया। उसकी पहचान आदित्य चौधरी के रूप में हुई है, जो दिल्ली के उत्तम नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
जानकारी के अनुसार युवक NIT हमीरपुर के हिमगिरि छात्रावास में संदिग्ध तरीके से घूम रहा था। इसी दौरान वह कमरा नंबर जी-54 से बाहर निकलते समय छात्रावास परिचारक की नजर में आ गया। परिचारक को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उससे पूछताछ शुरू की गई।
शुरुआत में युवक ने खुद को IIT मंडी का विद्यार्थी बताया। उसने दावा किया कि वह किसी काम से NIT हमीरपुर आया है। हालांकि उसके जवाबों में असंगति मिलने के बाद संदेह और बढ़ गया। इसके बाद छात्रावास प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उससे विस्तृत पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान युवक पर छात्रों के कमरों से पैसे चोरी करने का आरोप सामने आया। बाद में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने केवल हिमगिरि छात्रावास ही नहीं, बल्कि उदयगिरि छात्रावास में भी छात्रों के कमरों से नकदी चोरी की थी।
इस खुलासे के बाद उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से कुल 21 हजार 510 रुपये की नकदी बरामद की गई। इसके अलावा दो एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और IIT मंडी का एक पहचान पत्र भी मिला।
युवक के पास से काले रंग का रेडमी मोबाइल फोन, HRTC बस टिकट, एसस कंपनी का लैपटॉप और एक पिट्ठू बैग भी बरामद किया गया। बरामद सामान को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
युवक के पास IIT मंडी का पहचान पत्र मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। अब यह जांच का विषय है कि पहचान पत्र असली है या नहीं और यदि असली है तो वह उसके पास कैसे पहुंचा। यह भी स्पष्ट किया जाना बाकी है कि युवक वास्तव में IIT मंडी से किसी प्रकार जुड़ा हुआ है या उसने संस्थान का नाम केवल अपनी पहचान छिपाने के लिए इस्तेमाल किया।
NIT हमीरपुर के छात्रावासों में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हिमगिरि और उदयगिरि जैसे छात्रावासों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं। ऐसे में बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति का अंदर तक पहुंच जाना गंभीर सुरक्षा चिंता माना जा रहा है।
घटना के बाद छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के बीच भी चिंता का माहौल है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में प्रवेश और निकास की व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति की पहचान समय रहते की जा सके।
छात्रावासों में सामान्य तौर पर बाहरी लोगों के प्रवेश के लिए अनुमति और पहचान की प्रक्रिया होती है। इसके बावजूद आरोपी युवक अंदर तक कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच किए जाने की जरूरत है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर सकता है कि उसने छात्रावास में प्रवेश के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया और वह कितने समय से परिसर में मौजूद था।
कमरों से चोरी हुई रकम के संबंध में भी छात्रों से जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि किन-किन छात्रों के कमरे से नकदी गायब हुई और बरामद 21,510 रुपये में से कितनी राशि चोरी की है।
युवक के पास मिले मोबाइल फोन और लैपटॉप की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि आवश्यकता पड़ी तो इन उपकरणों से उसकी गतिविधियों और संपर्कों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है।
इस मामले में यह भी देखा जाएगा कि आरोपी ने छात्रावासों में प्रवेश करने से पहले किसी छात्र या कर्मचारी से संपर्क किया था या नहीं। सुरक्षा कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने पर उसका भी परीक्षण किया जा सकता है।
घटना में छात्रावास परिचारक की सतर्कता महत्वपूर्ण साबित हुई। यदि युवक को कमरा नंबर जी-54 से बाहर निकलते समय नहीं देखा जाता तो वह परिसर से बाहर निकल सकता था। परिचारक के संदेह के बाद पूछताछ शुरू हुई और पूरे मामले का खुलासा हुआ।
छात्रों के कमरों से नकदी चोरी होने की घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों के लिए गंभीर चिंता का विषय होती हैं। छात्र अक्सर अपने जरूरी दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और नकदी कमरों में रखते हैं। ऐसे में छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी माना जाता है।
इस घटना के बाद NIT प्रशासन की ओर से छात्रावासों में प्रवेश व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है। बाहरी लोगों की एंट्री दर्ज करने, पहचान पत्र की जांच करने और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल आरोपी युवक से संबंधित दस्तावेज और बरामद सामान जांच के दायरे में हैं। उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों और शिकायतों के आधार पर की जाएगी।
मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी युवक पहली बार NIT परिसर में आया था या इससे पहले भी यहां आ चुका था। यदि पहले आने की जानकारी सामने आती है तो पुरानी चोरी की शिकायतों को भी इससे जोड़कर देखा जा सकता है।
NIT हमीरपुर के हिमगिरि और उदयगिरि छात्रावासों में सामने आई इस घटना ने परिसर की सुरक्षा पर नया सवाल खड़ा कर दिया है। युवक की पहचान और उसके पास बरामद नकदी तथा अन्य सामान के बाद अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि वह परिसर में कैसे दाखिल हुआ और छात्रावासों में कितनी चोरी की घटनाओं में उसकी भूमिका रही।





