- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- शिमला में बारिश और...

x
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई और इसके साथ घना कोहरा छा गया। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट महसूस की गई और पहाड़ी इलाके में ठंड का असर बढ़ गया। मौसम में आए इस बदलाव से जहां स्थानीय लोगों और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ा, वहीं शहर घूमने पहुंचे पर्यटक बारिश और ठंडे मौसम का आनंद लेते नजर आए।
बुधवार को शिमला में दिन की शुरुआत अपेक्षाकृत सामान्य मौसम के साथ हुई थी, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान में बादल घिर आए और कुछ ही समय बाद तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम पूर्वानुमान में भी 7 अक्टूबर को शिमला में बारिश की संभावना जताई गई थी। दिन का अधिकतम तापमान करीब 21.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान था।
बारिश के साथ शहर के कई ऊंचे इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिला। इससे दृश्यता में कमी आई और रिज, माल रोड तथा आसपास के क्षेत्रों में लोगों को कुछ समय के लिए सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। रोजाना पर्यटकों को घुमाने वाले घोड़ा संचालक भी बारिश और कोहरे के कारण अपने काम को रोककर पनाह लेते दिखे।
शिमला का रिज मैदान आमतौर पर पर्यटकों से गुलजार रहता है। बुधवार को बारिश के बाद भी यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कई पर्यटक छाते लेकर घूमते नजर आए, जबकि कुछ लोग ऐसे भी थे जो बिना पर्याप्त गर्म कपड़ों के ही शहर पहुंचे थे। अचानक बढ़ी ठंड के बावजूद पर्यटक मौसम में आए बदलाव को उत्साह के साथ अनुभव करते दिखे।
बारिश के कारण सड़कों और पैदल रास्तों पर फिसलन भी बढ़ गई। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम, दुकानों तक आने-जाने और अन्य गतिविधियों में परेशानी हुई। छोटे कारोबारी, फेरीवाले और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को बारिश से बचने के लिए अस्थायी रूप से काम रोकना पड़ा।
शिमला में हाल के दिनों में पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मॉनसून के समाप्त होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे हैं। हाल में कई होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत तक पहुंचने की खबर सामने आई थी।
बारिश और ठंड का यह दौर ऐसे समय आया है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून हिमाचल प्रदेश से विदा हो चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष राज्य में सामान्य 734.4 मिलीमीटर के मुकाबले 652.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मानसून की वापसी के बाद भी राज्य में पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर और ज्यादा दिखाई दे रहा है। चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र समेत ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई है और 10 अक्टूबर तक बारिश तथा बर्फबारी के दौर की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हालांकि शिमला शहर में बुधवार की बारिश ने पर्यटकों के लिए मौसम को और आकर्षक बना दिया। कई लोग रिज और माल रोड पर बारिश की बूंदों के बीच तस्वीरें लेते और ठंडी हवाओं का आनंद उठाते नजर आए। बारिश के बाद पहाड़ियों पर छाया कोहरा भी शहर के नजारों को अलग रूप देता दिखाई दिया।
दूसरी ओर स्थानीय निवासियों के लिए बारिश कुछ परेशानियां भी लेकर आई। कामकाजी लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई, जबकि खुले स्थानों पर काम करने वालों को अपनी गतिविधियां रोकनी पड़ीं। शहर की ढलानदार सड़कों पर पानी जमा होने और फिसलन के कारण लोगों को संभलकर चलना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश इस वर्ष मॉनसून के दौरान भारी नुकसान भी झेल चुका है। राज्य के राजस्व विभाग के मुताबिक, बारिश से लगभग 3,231 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का आकलन किया गया है। सड़क और सार्वजनिक निर्माण से जुड़े ढांचे को सबसे अधिक नुकसान हुआ। ऐसे में प्रशासन लगातार मौसम से जुड़े बदलावों पर नजर रख रहा है।
शिमला में बुधवार को हुई बारिश का सबसे दिलचस्प पहलू पर्यटकों और स्थानीय लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया रही। स्थानीय लोग जहां अचानक बारिश और ठंड के कारण अपने कामकाज को समेटते दिखाई दिए, वहीं पर्यटकों ने इसे पहाड़ों की यात्रा का यादगार अनुभव बताया।
कुल मिलाकर बुधवार दोपहर हुई तेज बारिश और घने कोहरे ने शिमला का मौसम पूरी तरह बदल दिया। तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ी और शहर के कई हिस्से धुंध की चादर में ढक गए। बारिश ने स्थानीय जिंदगी को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया, लेकिन पर्यटकों के लिए यही मौसम आकर्षण का केंद्र बन गया।
Next Story





