हिमाचल प्रदेश

Shimla में दृष्टिबाधित लोगों का प्रदर्शन, बैकलॉग भर्ती की मांग

Ratna Netam
7 April 2026 2:33 PM IST
Shimla में दृष्टिबाधित लोगों का प्रदर्शन, बैकलॉग भर्ती की मांग
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: शिमला में दृष्टिबाधित लोगों ने बैकलॉग भर्ती को भरने की मांग को लेकर जोरदार मार्च निकाला। इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और प्रशासन को यह संदेश देना था कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए रोजगार और समान अवसर सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
मार्च में बड़ी संख्या में दृष्टिबाधित लोग शामिल हुए। उन्होंने पदों की लंबित भर्ती को जल्द पूरा करने, और नौकरी में समान अवसर देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई वर्षों से संबंधित सरकारी विभागों में दृष्टिबाधित कर्मचारियों के लिए रिक्त पद खाली पड़े हैं, जिससे उनकी करियर और जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बैकलॉग पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया को तेज करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि दृष्टिबाधित लोगों को समान अवसर, प्रशिक्षण और विकास की सुविधा दी जानी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और दृष्टिबाधित संगठनों ने प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि समान अवसर और रोजगार का अधिकार संविधान और सामाजिक न्याय के तहत सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और सरकारी नीतियों में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए विशेष पदों की भर्ती और प्रशिक्षण से समाज में उनकी भागीदारी और आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
प्रदर्शनकारियों ने मार्च के दौरान सड़कों पर शांतिपूर्ण रूप से नारे लगाए और मीडिया के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रशासन ने कहा कि ज्ञापन की समीक्षा की जाएगी और जल्द ही संबंधित विभागों को अनुरोध भेजकर रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया जाएगा।
संक्षेप में, शिमला में दृष्टिबाधित लोगों का बैकलॉग भर्ती को लेकर मार्च और प्रदर्शन समाज में रोजगार के अधिकार और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। प्रदर्शन से प्रशासन और जनता दोनों में जागरूकता बढ़ी, और यह स्पष्ट किया गया कि सभी नागरिकों को न्यायसंगत और समान अवसर मिलना चाहिए।
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