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सिरमौर में बारिश के बीच ट्रक खाई में पलटा, चालक-परिचालक सुरक्षित

नाहन। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें बाधित हैं और जगह-जगह भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। इस बीच सिरमौर जिले में भी बारिश के कारण सड़क पर जमा चिकनी मिट्टी एक बड़े हादसे का कारण बन गई। नाहन-श्री रेणुकाजी मार्ग पर बाबा बड़ोलिया के नजदीक चढ़ाई पर सामान से लदा एक ट्रक फिसलकर सड़क से खाई की तरफ पलट गया।
हादसे में ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि ट्रक चालक और परिचालक समय रहते वाहन से सुरक्षित नीचे उतर गए थे। यदि दोनों वाहन के अंदर फंस जाते तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
चढ़ाई पर अनियंत्रित हुआ ट्रक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक सामान लेकर नाहन-श्री रेणुकाजी मार्ग से गुजर रहा था। बाबा बड़ोलिया के पास सड़क पर चढ़ाई वाला हिस्सा है। लगातार बारिश के कारण इस स्थान पर सड़क पर चिकनी मिट्टी जमा हो गई थी। इसी दौरान सामान से लदा ट्रक चढ़ाई चढ़ते समय अचानक स्किड हो गया।
चिकनी मिट्टी के कारण वाहन के पहियों ने सड़क पर पकड़ खो दी और ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खाई की दिशा में पलट गया। हादसे के बाद ट्रक का सामान और वाहन का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।
चालक और परिचालक ने समय रहते बचाई जान
हादसे के समय ट्रक में चालक और परिचालक मौजूद थे। वाहन के अनियंत्रित होने का अंदाजा लगते ही दोनों ने सूझबूझ दिखाई और सुरक्षित तरीके से ट्रक से नीचे उतर गए। इसके कुछ ही देर बाद ट्रक सड़क से खाई की तरफ पलट गया।
इस वजह से हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर ट्रक पलटा, वहां खाई की ओर वाहन के जाने से स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी। चालक और परिचालक के सुरक्षित बचने को बड़ी राहत माना जा रहा है।
बारिश ने बढ़ाई सड़क पर फिसलन
सिरमौर जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश का असर सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है, जबकि कुछ जगहों पर मिट्टी और मलबा भी आ गया है। चढ़ाई वाले हिस्सों में चिकनी मिट्टी जमा होने से भारी वाहनों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
नाहन-श्री रेणुकाजी मार्ग भी पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। बारिश के दौरान इस मार्ग पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। खासकर भारी वाहनों के लिए चढ़ाई और ढलान वाले हिस्से चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं।
प्रदेश में 100 से ज्यादा सड़कें बाधित
हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। भारी बारिश के कारण प्रदेश में 100 से ज्यादा सड़कें बाधित होने की जानकारी सामने आई है। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा गिरने से यातायात रोकना पड़ा है, जबकि कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण बनी हुई है।
बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित मार्गों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं।
सिरमौर में बढ़ी चुनौती
सिरमौर जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में सड़कें बारिश के दौरान संवेदनशील हो जाती हैं। सड़क किनारे मिट्टी खिसकने, पत्थर गिरने और पानी जमा होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
बाबा बड़ोलिया के पास हुआ ट्रक हादसा भी इसी चुनौती की एक तस्वीर सामने लाता है। चिकनी मिट्टी के कारण सड़क पर वाहन की पकड़ कमजोर होने से भारी ट्रक अनियंत्रित हो गया। ऐसे स्थानों पर सड़क की स्थिति को देखते हुए वाहनों की गति नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।
वाहन चालकों से सतर्क रहने की अपील
बारिश के बीच प्रशासन और स्थानीय स्तर पर वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। पहाड़ी मार्गों पर तेज गति से वाहन चलाने से बचने, फिसलन वाले हिस्सों में धीमी गति रखने और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।
भारी वाहन चालकों के लिए यह सावधानी और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सामान से लदे वाहन का वजन अधिक होने के कारण फिसलन वाली सड़क पर उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
राहत की बात, कोई जनहानि नहीं
सिरमौर के इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि चालक और परिचालक दोनों सुरक्षित हैं। ट्रक को नुकसान जरूर हुआ, लेकिन किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे हादसों का खतरा बना हुआ है। सड़क पर मिट्टी और मलबे के कारण वाहन चालकों को लगातार सावधानी बरतने की जरूरत है।
हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रशासन के सामने सड़क संपर्क बहाल रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती बनी रहेगी। सिरमौर का यह हादसा भी बताता है कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी सड़कों पर छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।





