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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को कहा कि मौजूदा राज्य सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती** की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में **4 हजार और शिक्षकों की नियुक्ति** की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शिमला जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए की।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य के युवाओं और आम लोगों के लिए रोजगार एवं विकास के अधिक अवसर पैदा करना है।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर
सुक्खू ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में राज्यभर में **150 से अधिक सरकारी स्कूलों को CBSE प्रणाली से जोड़ा गया है**। इन स्कूलों में करीब 2 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।इससे पहले सितंबर में मुख्यमंत्री ने CBSE स्कूलों में 2 हजार और शिक्षकों की नियुक्ति तीन महीने के भीतर करने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति मेरिट के आधार पर की जा रही है। कई स्कूलों में पांच से आठ शिक्षक पहले ही नियुक्त किए जा चुके थे।सरकार की ओर से CBSE स्कूलों की शुरुआत का एक प्रमुख उद्देश्य सरकारी और निजी स्कूलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर मौजूद अंतर को कम करना बताया गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, चयनित सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम लागू करने की प्रक्रिया के तहत शिक्षक चयन के लिए परीक्षा और मेरिट आधारित प्रक्रिया अपनाई गई है।
300 स्कूल बनेंगे ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध **300 स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित** कर रही है। इन संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता बढ़ने से विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है और स्थानीय स्तर पर शिक्षा का आधार मजबूत किया जा सकता है।
10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती
जनसभा में मुख्यमंत्री ने सरकार के कार्यकाल में हुई शिक्षक भर्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है और अगले छह महीनों में 4 हजार और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।शिक्षक भर्ती का मुद्दा हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ युवाओं के रोजगार से भी जुड़ा है। सरकार की ओर से अलग-अलग स्तर पर रिक्त पदों को भरने और स्कूलों में आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने की बात कही गई है।सितंबर में मुख्यमंत्री ने CBSE स्कूलों के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति का भी ऐलान किया था। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुलाई में बताया था कि करीब 150 सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और शिक्षक चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार का दावा
सुक्खू ने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (AIMSS) चमियाना में आधुनिक तकनीक और उन्नत मशीनरी उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है।मुख्यमंत्री के अनुसार, लंबे समय से इस्तेमाल की जा रही पुरानी मशीनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। उन्होंने डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार की ओर से की गई नियुक्तियों का भी उल्लेख किया। शनिवार की जनसभा में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 500 डॉक्टरों की नियुक्ति की है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का जिक्र किया। उनके अनुसार, दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि से पशुपालकों की आय में सुधार हुआ है और **1 दिसंबर से दूध खरीद की दरों में फिर बढ़ोतरी** की जाएगी।सरकार ने इससे पहले अदरक को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था के तहत लाने की भी बात कही थी। मुख्यमंत्री का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को बेहतर आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
अन्य योजनाओं का भी किया जिक्र
नोगली की जनसभा में मुख्यमंत्री ने सरकार की कई अन्य योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पात्र मामलों में करुणामूलक आधार पर रोजगार देने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। उनके अनुसार, करीब 70 प्रतिशत पात्र मामलों का निपटारा किया जा चुका है।मुख्यमंत्री ने ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने की भी घोषणा की। उनके अनुसार, योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने और पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा।
सुक्खू ने कहा कि सरकार वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।कुल मिलाकर, रामपुर के नोगली में मुख्यमंत्री के संबोधन में शिक्षा और रोजगार प्रमुख मुद्दे रहे। 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती और अगले छह महीनों में 4 हजार और नियुक्तियों के ऐलान के साथ सरकार ने स्कूलों में मानव संसाधन बढ़ाने की दिशा में आगे की योजना सामने रखी है। वहीं 150 से अधिक CBSE स्कूलों और 300 स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की योजना के जरिए राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का दावा किया गया है।
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